Kangra News: अपात्र महिला को दिलाया आवास योजना का लाभ, कोर्ट ने पूर्व पंचायत प्रधान को सुनाई एक साल की कैद
Kangra News कांगड़ा की अदालत ने बंदला पंचायत की पूर्व प्रधान सुदर्शना देवी और इच्छया देवी को आवास योजना में धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाया। एक साल की कैद और जुर्माना की सजा सुनाई गई। 2005 में दर्ज मामले में दोनों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इच्छया देवी को राजीव गांधी आवास योजना के तहत लाभ पहुंचाने का आरोप था जबकि वह इसके लिए पात्र नहीं थी।

संवाद सहयोगी, धर्मशाला। विशेष न्यायाधीश-सह-अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कांगड़ा ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसले में ग्राम पंचायत बंदला की पूर्व प्रधान रही सुदर्शना देवी और इसी पंचायत की अन्य महिला इच्छया देवी को विभिन्न आपराधिक धाराओं में दोषी ठहराते हुए एक साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। फैसला विशेष न्यायाधीश-सह-अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कांगड़ा राजेश चौहान की अदालत ने सुनाया।
अदालत ने बंदला निवासी इच्छया देवी और पूर्व प्रधान सुदर्शना देवी को आइपीसी की धारा 420 के तहत छह माह की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, आइपीसी की धारा 467 के तहत एक साल का कठोर कारावास व 10 हजार जुर्माना, धारा 468 के तहत छह माह की कैद व पांच हजार जुर्माना, धारा 471 के तहत तीन माह की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना व धारा 120 के तहत छह माह की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा पूर्व प्रधान सुदर्शना देवी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत एक साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
2005 में दर्ज हुआ था मामला
स्टेट विजिलेंस थाना धर्मशाला के जिला अभियोजन अधिकारी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि यह मामला वर्ष 2005 का है। बंदला निवासी त्रिलोक चंद ने पुलिस अधीक्षक विजिलेंस धर्मशाला को शिकायत दी थी कि वह आइआरडीपी परिवार से संबंध रखता है। उसका आइआरडीपी नंबर का पंचायत की तत्कालीन प्रधान सुदर्शना देवी और सचिव धर्म चंद ने मिलकर अपने लाभ के लिए उपयोग किया।
बनाया फर्जी पंचायत प्रस्ताव
इन लोगों ने मिलकर एक फर्जी पंचायत प्रस्ताव बनवाया, जिसके आधार पर पंचायत निवासी इच्छया देवी को राजीव गांधी आवास योजना के तहत 27,500 रुपये की राशि जारी कर दी गई। हालांकि उक्त महिला इस योजना के तहत लाभ की पात्र नहीं थी। विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की।
लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला
जांच के दौरान सोशल एजुकेशन एंड ब्लाक प्लानिंग आफिसर (एसईबीपीओ) रतन चंद और बाद में सह आरोपित पंचायत सचिव धर्म चंद की मृत्यु हो गई। विजिलेंस की जांच के बाद मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। लंबी सुनवाई के बाद शुक्रवार को अदालत ने धोखाधड़ी करने वाली पूर्व प्रधान और योजना का गलत तरीके से लाभ लेने वाली उक्त महिला को सजा सुनाई।
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