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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cloud Burst in Bilaspur (Ghumarwin) : बिलासपुर के कुहमझवाड़ में बादल फटा, तीन परिवारों के घरों व पशुशालाओं को नुकसान, नौ पशु भी बहे, देखें वीडियो

By Virender KumarEdited By:
Published: Fri, 08 Jul 2022 10:57 AM (IST)Updated: Fri, 08 Jul 2022 11:54 AM (IST)

Cloud Burst in Ghumarwin बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल की कुहमझवाड़ पंचायत के भगौट गांव में बादल फटा है। बादल ...और पढ़ें

Cloud Burst in Bilaspur (Ghumarwin) : बिलासपुर के कुहमझवाड़ में बादल फटा।
Cloud Burst in Bilaspur (Ghumarwin) : बिलासपुर के कुहमझवाड़ में बादल फटा।

घुमारवीं, संजीव शामा।

Cloud Burst in Bilaspur, बिलासपुर जिले के कुहमझवाड़ पंचायत के भगोट गांव में बादल फटने शुक्रवार सुबह बड़ी तबाही मच गई है। बादल फटने की इस घटना के बाद पणगेल नाले में एकाएक भारी मात्रा में मलबे क रूप में पत्थर और मिट्टी, पेड़ पानी के साथ बह कर आना शुरू हो गए। सुबह चार बजे के करीब मची इस तबाही में गांव में तीन परिवारों के घरों, पशुशालाओं को नुकसान पहुंचा है।

इस आपदा में तीन भाइयों के मकानों को नुकसान पहुंचा है और रसोईघर, पशुशाला, पक्के मकान के लगभग चार कमरे, एक आल्टो कार, सात बकरियां और दो भैंसें बह गई हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम घुमारवीं राजीव कुमार और पुलिस के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए है। यहां पर सड़क किनारे पार्क एक निजी स्कूल बस को भी खासा नुकसान पहुंचा है।

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बताया जा रहा है कि भगेाट गांव से कुछ ही दूरी पर क्षेत्र के त्यूनखास सरकारी स्कूल के साथ में जंगल में बादल फटा है और उसके बाद भारी मात्रा में मलबा और पानी पणगैल नाले में आ गया। जिससे लोगों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।

क्या कहती हैं प्रधान

कुहमझवाड़ पंचायत प्रधान रेखा देवी ने बताया कि तीन परिवारों के घरों को खासा नुकसान इस घटना में हुआ है। प्रशासन के अधिकारी भी सूचना मिलते ही सुबह मौक पर आ गए हैं।

क्या कहते हैं एसडीएम

एसडीएम घुमारवीं राजीव कुमार का कहना है कि वह मौके पर ही है। भगोट गांव निवासी सरवन कुमार के दो पक्के कमरे और आल्टो कार बह गई है। कुलदीप कुमार का रसोइघर बह गया है और मकान के दो कमरे डैमेज हुए है। कुलदीप की पशुशाला नामोनिशान नहीं बचा है। इस पशुशाला में सात बकरियां और दो भैंस बंधी थी जोकि बह गई है। इसके अलावा निक्कु राम का का मकान तो बच गया है, लेकिन पूरी तरह जमीन बह गई है और मकान को खतरा पैदा हो गया है। भारी मात्रा में मलबे के रूप में पेड़, पत्थर बहकर पनगैल नाल में आए हैं। परिवारों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को प्रशासन की तरफ से राहत राशि प्रदान की जाएगी।