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    अश्लील वीडियो बना लाखों की ठगी करने वाला गिरफ्तार, कोर्ट से मिला रिमांड; UP के बाराबंकी तक पहुंची हिमाचल पुलिस

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 09:22 PM (IST)

    हमीरपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर पनप रहे साइबर अपराध पर कार्रवाई करते हुए एक ब्लैकमेलिंग मामले का पर्दाफाश किया है। 2022 के इस मामले में, एक 60 वर्षीय ...और पढ़ें

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    अश्लील वीडियो बना लाखों की ठगी करने वाला गिरफ्तार। सांकेतिक फोटो

    रवि ठाकुर, हमीरपुर। सोशल मीडिया की आड़ में पनप रहे साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए हमीरपुर सदर पुलिस ने एक पुराने लेकिन संवेदनशील ब्लैकमेलिंग मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर 60 वर्षीय बुजुर्ग को लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    आरोपी की पहचान मोहम्मद इरफान (24) पुत्र मोहम्मद हसीब, निवासी बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। शनिवार देर रात पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। फिलहाल इस मामले में एक गिरफ्तारी हुई है, जबकि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की गहन जांच जारी है।पुलिस के अनुसार यह मामला वर्ष 2022 का है और हमीरपुर जिले के झनियारा क्षेत्र से संबंधित है।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी ने एक मोबाइल ऐप के माध्यम से पीड़ित बुजुर्ग से संपर्क स्थापित किया। बाद में वीडियो कॉल के दौरान एक युवती को आपत्तिजनक अवस्था में दिखाकर बुजुर्ग को झांसे में ले लिया गया। इसी दौरान आरोपियों ने पूरी वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली।

    इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हुआ।बदनामी और सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    इसके बावजूद आरोपियों की मांगें बढ़ती गईं और ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई। लगातार मानसिक दबाव और आर्थिक नुकसान से परेशान होकर अंततः पीड़ित ने सदर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराधी बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप पर ऐसे लोगों को मैसेज भेजते हैं, जिनकी डीपी में किसी युवती की तस्वीर लगी होती है।

    बातचीत बढ़ने के बाद शिकार को वीडियो कॉल के लिए उकसाया जाता है। वीडियो कॉल के दौरान सामने मौजूद युवती खुद को निर्वस्त्र कर लेती है और उसी समय पूरी कॉल की रिकॉर्डिंग कर ली जाती है। बाद में इसी रिकॉर्डिंग को हथियार बनाकर पीड़ित को बदनाम करने की धमकी दी जाती है और मोटी रकम वसूली जाती है।

    पुलिस का कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इस जाल में फंस जाते हैं।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रविवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

    पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, इस्तेमाल किए गए खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

    मामले की पुष्टि करते हुए हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2022 के साइबर ब्लैकमेलिंग मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच तेजी से जारी है।

    उन्होंने आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया पर अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल, मैसेज या फ्रेंड रिक्वेस्ट से सतर्क रहें। एसपी ने कहा कि किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

    सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल आए तो रहें सतर्क

    सोशल मीडिया पर अचानक आने वाली वीडियो कॉल कई बार जाल साबित हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि अनजान नंबरों से आने वाली कॉल को रिसीव करने से बचें, खासकर जब कॉल पर सामने वाला व्यक्ति आपत्तिजनक व्यवहार करने लगे।

    ऐसी स्थिति में तुरंत कॉल काटें, स्क्रीनशॉट या रिकॉर्डिंग न करें और मामले की सूचना पुलिस को दें। समय रहते की गई शिकायत न केवल आपको बचा सकती है, बल्कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने में भी मददगार साबित होती है।