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    क्या है धर्मशाला कॉलेज छात्रा मौत मामला? रैगिंग से डिप्रेशन में गई थी स्टूडेंट, प्रोफेसर करता था छेड़छाड़

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 09:52 AM (IST)

    धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की कथित प्रताड़ना और अवसाद से हुई मौत के मामले में पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। आरोपित प्रोफेसर अशोक कुमार को अंतरि ...और पढ़ें

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    धर्मशाला कॉलेज (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, धर्मशाला। हिमाचल के धर्मशाला में एक छात्रा की रैगिंग की गई, कॉलेज के प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का भी आरोप है। पीड़ित छात्रा की मौत के बाद चार छात्राओं सहित प्रोफेसर पर प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। हिमाचल में यह केस जोर पकड़ रहा है। वहीं पुलिस ने भी इस मामले में जांच तेज कर दी है। 

    धर्मशाला कॉलेज की छात्रा के कथित प्रताड़ना से अवसाद में जाने से हुई मौत के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने स्वजन के बयान दर्ज किए। उसका और परिजनों का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। आरोपित प्रोफेसर को जांच में सहयोग करने के निर्देश के साथ जिला और सत्र न्यायालय से 12 जनवरी तक अंतरिम जमानत मिल गई।

    न्यायालय में पुलिस को मामले से जुड़े सभी तथ्य 12 जनवरी को पेश करने के आदेश जारी किए। पुलिस ने वीरवार को कॉलेज में रैगिंग, शारीरिक प्रताड़ना व यौन उत्पीड़न के आरोप में स्वजन के बयान पर प्रोफेसर अशोक कुमार और चार छात्राओं के विरुद्ध मामला दर्ज किया था। छात्राओं पर रैगिंग व प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।

    थाना धर्मशाला प्रभारी नारायण ठाकुर टीम के साथ सुबह 11.30 बजे उसके घर पहुंचे। डीएसपी निशा ने दोपहर दो बजे घर पहुंचकर लड़की के पिता, माता, भाई सहित अन्य स्वजन के बयान दर्ज किए। पुलिस ने वह फोन भी कब्जे में लिया, जिससे अस्पताल में वीडियो बना है। छात्रा के कमरे की भी जांच की गई, जहां वह पढ़ाई करती थी। देर शाम तक पुलिस उसके चिकित्सा व उपचार संबंधित दस्तावेज जुटाती रही।

    'दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई'

    स्वजन को आश्वासन दिया कि मामले की बारीकी से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। प्रोफेसर व चार छात्राओं से शनिवार को पूछताछ हो सकती है। छात्रा की बीमारी के दौरान की एक और वीडियो प्रसारित हो रहा है।

    इसमें किसी महिला के पूछने पर छात्रा प्रोफेसर अशोक को अच्छा बता रही है। हालांकि, कुछ सहपाठियों पर नाराजगी जाहिर कर रही है। वह सिर पर बोतल से मारने की बात भी कह रही है। धर्मशाला कॉलेज प्राध्यापक संघ ने आरोपित प्रोफेसर के पक्ष में आकर घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।

    संघ का कहना है कि प्रोफेसर अशोक साल 2006 से कार्यरत हैं और उनका ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है। संबंधित लड़की अब कॉलेज की छात्रा नहीं है। मृतक छात्रा की माता, पिता, भाई व बुआ ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

    धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा सहित भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री शाश्वत कपूर ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस अगर तेज गति से मामले की जांच कर न्याय नहीं देती है तो उग्र आंदोलन होगा।

    कब-क्या हुआ

    • 2024 में धर्मशाला कॉलेज में छात्रा ने बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया
    • 2025 जुलाई में बीए द्वितीय वर्ष की कक्षाएं लगीं, लेकिन छात्रा प्रथम वर्ष में ही फेल हो गई
    • 22 सितंबर, 2025 को कॉलेज में प्रताड़ित करने का आरोप लगाया
    • 20 दिसंबर को पिता ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की
    • 24 दिसंबर को डीएमसी लुधियाना में उपचार के लिए भर्ती कराया
    • 26 दिसंबर को उपचार के दौरान छात्रा की मौत
    • 30 दिसंबर, 2025 को छात्रा का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित
    • 1 जनवरी 2026 को पिता की शिकायत पर आरोपितों के विरुद्ध केस

    बेटी की कॉलेज में रैगिंग हुई है, जाति के संबंध में भी बोला जाता था। प्रोफेसर ने भी प्रताड़ित किया। बेटी मुझे यह सब बताकर गई है। प्रथम वर्ष में पढ़ाई के दौरान भी पुलिस तक रैगिंग का मामला गया था। प्रिंसिपल से मैंने और पत्नी ने बात की थी। बाल काटने से वह तनाव में आ गई। मैंने कार्रवाई के लिए मना नहीं किया था, लेकिन पुलिस ने कहा कि लड़की के ठीक होने पर बयान लेकर कार्रवाई करेंगे। अब आरोपितों को बचाया जा रहा है। मैं इंसाफ चाहता हूं। अगर बेटी को न्याय न मिला तो अन्य बेटियों के साथ भी ऐसा हो सकता है। -लड़की के पिता

    नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पुलिस और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, जिसका मुख्यमंत्री को संज्ञान लेना चाहिए। उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    नेता प्रतिपक्ष जया वीरवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 75, 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम, 2009 की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया है। स्वजन के बयान दर्ज कर मोबाइल फोन जांच के लिए कब्जे में लिए हैं। -बीर बहादुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस व प्रशासन जल्द जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।

    प्रकरण में कई पहलू हैं। वह पिछले वर्ष बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी, तीन विषय में उत्तीर्ण नहीं हो सकी। वह जियोग्राफी के प्राध्यापक के पास गई कि द्वितीय वर्ष में दाखिला लेना है। उसे बताया गया कि अब अगली कक्षा में दाखिला नहीं हो सकता। वह 29 जुलाई तक कॉलेज आई। पता चला है कि कुछ लड़कियां उसे परेशान करती थी। ऐसा कुछ हुआ होता तो वह सहेलियों व शिक्षकों से बात कर सकती थी। शिक्षकों व एंटी रैगिंग कमेटी के पास भी कोई शिकायत नहीं आई। दिसंबर में पुलिस टीम आई थी और छात्राओं को बुलाकर पूछताछ भी की। वर्तमान में वह हमारे कॉलेज की छात्रा नहीं थी। -प्रो. राकेश पठानिया, प्राचार्य, धर्मशाला महाविद्यालय