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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को ED का नोटिस, मांगे ओटीएस के दस्तावेज; लोन जारी करने से जुड़ा है मामला

Published: Thu, 25 Sep 2025 10:55 AM (IST)

कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक सीमित (केसीसीबी) को ईडी ने एक ऋण मामले में नोटिस जारी किया है जिसमें ओटीएस के ...और पढ़ें

कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को ईडी ने जारी किया नोटिस
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को ईडी ने जारी किया नोटिस

संवाद सहयोगी, धर्मशाला। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) को प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने नोटिस जारी किया है और एक लोन मामले में वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के दस्तावेज मांगे हैं।

मामला पालमपुर का बताया जा रहा है, जिसमें होटल निर्माण के लिए लोन लिया था और न लौटाए जाने पर नोटिस के बाद संपत्ति को बैंक ने कब्जे में नहीं लिया था। इस मामले में संपत्ति की नीलामी की जानी थी, लेकिन उससे पहले मामले को वन टाइम सेटलमेंट के तहत सेटल कर लिया गया।

अब इस मामले में बैंक को ईडी ने नोटिस जारी किया है। बैंक के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि ईडी ने ओटीएस के दस्तावेज मांगे हैं।

उल्लेखनीय है कि पालमपुर के एक होटल की मालिक ने बैंक से लगभग 45 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। महिला ने करीब 21 करोड़ रुपये लौटा दिए थे और शेष 24 करोड़ सीधे माफ कर दिए थे। बैंक ने नियमों को ताक पर रखकर यह कार्य किया था। इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप और रसूखदारों की भूमिका की आशंका जताई जा रही है।

बैंक नियमों को दरकिनार कर होटल के लोन खाते को ओटीएस पॉलिसी के तहत सेटल किया था। जानकारों का कहना है कि यदि होटल की संपत्ति की नीलामी की होती तो इसकी कीमत इससे कहीं अधिक मिल सकती थी और बैंक को नुकसान नहीं होना था।