'मैंने घिनौनी हरकत की है...तो भगवान मुझे उठा ले', धर्मशाला छात्रा मौत मामले में आरोपी प्रोफेसर ने दी सफाई
धर्मशाला में छात्रा की मौत और रैगिंग मामले में निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल) ने शनिवार को पहली बार मीडिया के सामने आकर अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, धर्मशाला। धर्मशाला में छात्रा की मौत और रैगिंग मामले में निलंबित असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल) शनिवार को पहली बार मीडिया के सामने आए। इस दौरान उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और उन्हें निराधार बताया।
'मैंने कोई घिनौनी हरकत नहीं की'
असिस्टेंट प्रोफेसर ने कहा कि छात्रा द्वारा जो भी नाम लिए गए हैं, वे किस मंशा से लिए गए और क्यों लिए गए, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी भी दो बेटियां हैं, जो संभवत मृतक छात्रा से उम्र में बड़ी हैं। अगर उन्होंने कभी इस तरह की कोई घिनौनी हरकत की होती, तो वे ईश्वर से यही प्रार्थना करेंगे कि उन्हें यहां से उठा लिया जाए।
निष्पक्ष जांच में सहयोग दूंगा: प्रोफेसर
मृतक छात्रा के परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्रदेश सरकार द्वारा किए गए निलंबन पर भी असिस्टेंट प्रोफेसर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर उनके निलंबन से मामले की निष्पक्ष जांच होती है, दिवंगत आत्मा को न्याय मिलता है और उन्हें भी न्याय मिलता है, तो वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे और पुलिस जो भी निर्देश देगी, उसका पालन करेंगे। रैगिंग के आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा कॉलेज है और यहां रैगिंग जैसी गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाती है।
रैगिंग से निपटने का किया दावा
उन्होंने दावा किया कि रैगिंग से निपटने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा एंटी रैगिंग कमेटी गठित की गई है। कॉलेज परिसर में जगह जगह साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर कमेटी से जुड़े सदस्यों के नाम और संपर्क नंबर उपलब्ध हैं, ताकि किसी भी छात्र को समस्या होने पर तुरंत संपर्क किया जा सके।
वायरल वीडियो के संबंध में असिस्टेंट प्रोफेसर ने कहा कि इस मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, वे सभी के सामने होंगे।

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