Dharamshala: BJP ने चिंतपूर्णी मंदिर में VIP दर्शन के फैसले का जताया विरोध, कहा- फैसला वापस ले सुक्खू सरकार
Dharamshala भाजपा सरकार ने चिंतपूर्णी मंदिर में वीआईपी दर्शन करने के फैसले का विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि मंदिरों में वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देना ...और पढ़ें
धर्मशाला, जागरण संवाददाता: माता चिंतपूर्णी मंदिर में 1100 रुपये में वीआईपी दर्शन करने की व्यवस्था का भाजपा ने विरोध जताया है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह विधायक विपिन सिंह परमार ने जारी एक ब्यान में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार के इस फैसला का विरोध जताया है।
मंदिरों में वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देना धार्मिक आस्था से खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बदलाव की बात करने वाली सुक्खू सरकार ने सच में ही व्यवस्था बदलाव कर दिया और अनावश्यक खर्चों को पहाड़ खड़ा करने में जुटी हुई है।
रेवड़ियों की तरह केबिनेट रैंक बांटे गए
कांग्रेस सरकार ने सता में आते ही अपनी अंतर्कलह का शांत करने के लिए रेवड़ियों की तरह केबिनेट रैंक बांट दिए। अब उनकी भरपाई के लिए मंदिरों में वीआइपी कल्चर शुरू किया जा रहा है। हवाला दिया जा रहा है कि प्रदेश में आय की साधन बढ़ाए जा रहे हैं। विपिन सिंह परमार ने कहा कि अगर सरकार को आय के साधन बढ़ाने हैं तो उसके अन्य भी कई तरीके हैं।
श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं दी जाए
मंदिरों में वीआइपी कल्चर बढ़ावा देने की बजाए मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं दी जाएं। हिमाचल में यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार को चाहिए कि हिमाचल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए।
पर्यटन विकास की नई नई योजनाएं लाई जाएं, न की मंदिरों में इस तरह का वीआइपी कल्चर बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बताएं कि 1100 रुपये देकर वीआईपी दर्शन का टिकट प्राप्त करने वालों का पैमाना क्या होगा।
वीआइपी कल्चर को न दें बढ़ावा
किस स्तर के लोगों को वीआइपी दर्शन का टिकट दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर वीआइपी कल्चर को बढ़ावा देने का अर्थ होगा कि जिन लोगों के पास पैसे हैं उन्हें भगवान में दर पर भी अपनी अमीरी दिखाने का अवसर दिया जाएगा।
चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम लोग और हिंदू धर्म में तो यही माना जाता है कि भगवान में दर पर छोटा बड़ा या अमीर गरीब कुछ नहीं होता, सब एक समान होते हैं, लेकिन कांग्रेस के यह फैसला मंदिरों में भी अमीर गरीब को वर्गीकृत कर रहा है। वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देने से धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी। इसलिए प्रदेश सरकार चिंतपूर्णी मंदिर में 1100 रुपये में वीआईपी दर्शन के फैसले को तुंरत प्रभाव से वापस ले।

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