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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रजनी बनी धर्मशाला नगर निगम की पहली महापौर

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Published: Sun, 10 Apr 2016 01:00 AM (IST)

संवाद सहयोगी, धर्मशाला : खनियारा की रजनी को शनिवार को धर्मशाला नगर निगम की सर्वसम्मति से पहली महापौर

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संवाद सहयोगी, धर्मशाला : खनियारा की रजनी को शनिवार को धर्मशाला नगर निगम की सर्वसम्मति से पहली महापौर चुना गया। उपमहापौर के लिए चुनाव करवाना पड़ा और श्यामनगर वार्ड के देविंद्र जग्गी ने भाजपा के ओंकार सिंह नैहरिया को 12 मत से हराकर पद पर कब्जा जमाया। देविंद्र जग्गी को 14 जबकि ओंकार नैहरिया को दो मत मिले व एक खराब पाया गया। तपोवन विधानसभा परिसर के समिति कक्ष में चुनाव के बाद शहरी विकास विभाग के निदेशक कै. जेएम पठानिया ने महापौर व उपमहापौर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पूर्व दोपहर 12.30 बजे विधानसभा परिसर के प्रांगण में नगर निगम के 17 वार्डो के पार्षदों के लिए शपथ ग्रहण समारोह शुरू हुआ और कै. जेएम पठानिया ने पार्षदों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा भी उपस्थित रहे।

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पहले पहुंचे भाजपा समर्थित पार्षद

विधानसभा परिसर के प्रांगण में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सबसे भाजपा के तीनों पार्षद ओंकार सिंह नैहरिया, तेजेंद्र कौर व सर्वचंद गलौटिया पहुंचे।

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सुधीर के साथ आए अधिकांश पार्षद

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए अधिकांश पार्षद शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा के साथ आए। हालांकि दो पार्षद शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने के बाद पहुंचे।

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मुख्यमंत्री ने भी दी दूरभाष पर बधाई

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धर्मशाला नगर निगम की पहली महापौर रजनी व उपमहापौर देवेंद्र जग्गी को दूरभाष पर बधाई दी।

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एक साथ बने तीन इतिहास

विधानसभा परिसर में शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुए महापौर व उपमहापौर चुनाव के साथ तीन नए इतिहास भी बन गए। धर्मशाला नगर गिनम को पहली महापौर व उपमहापौर मिला, वहीं विधानसभा परिसर में चुनाव के साथ शपथ भी हुई।

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'नगर निगम चुनाव के दौरान विरोधियों के साथ-साथ अपनों ने भी विरोध किया था लेकिन जनता ने भारी मतदान कर इस फैसले को सही ठहराया है। हालांकिकई लोग वोट बैंक की राजनीति से दूरगामी निर्णय नहीं लेते हैं। धर्मशाला को बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकता है। इसके लिए महापौर व उपमहापौर सहित नगर पार्षदों को कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ना होगा।'

-सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री।