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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ग्रामीण क्षेत्र के विस्थापितों के लिए बनाई जाए ठोस नीति : देसराज

By JagranEdited By:
Published: Fri, 24 Jan 2020 05:52 PM (IST)Updated: Sat, 25 Jan 2020 06:20 AM (IST)

जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति ने प्रदेश सरकार से बिलासपुर शहर के विस्थापितों की तर्ज पर विशेष नीति बनाए जाने का आग्रह किया है।

ग्रामीण क्षेत्र के विस्थापितों के लिए बनाई जाए ठोस नीति : देसराज
ग्रामीण क्षेत्र के विस्थापितों के लिए बनाई जाए ठोस नीति : देसराज

संवाद सहयोगी, भगेड़ : जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति ने प्रदेश सरकार से बिलासपुर शहर के विस्थापितों की तर्ज पर विशेष नीति बनाए जाने का आग्रह किया है। समिति के प्रधान देसराज शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार भाखड़ा विस्थापितों को बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध के कारण बिलासपुर जिला व ऊना के 350 गांव जलमग्न हुए थे। उन्होंने बताया कि विस्थापितों के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई थी और शहर के विस्थापितों को सरकार ने प्लाट भी दे दिए, लेकिन ग्रामीण विस्थापित अज्ञानतावश जहां जगह मिली वहीं बस गए, जबकि उन्हें जमीने कहीं और मिली थीं। इस कारण आज कई ग्रामीण विस्थापितों के सिर पर बिजली व पानी के कनेक्शन काटने की तलवार लटकी है। 454 लोगों के बिजली व पानी के कनेक्शन काट दिए हैं।

देसराज शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को ग्रामीण विस्थापितों के लिए भी नीति का निर्धारण करना चाहिए। प्रदेश सरकार को इसके लिए मिनी सेटलमेंट करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि आज भी कई ग्रामीण विस्थापित मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस बारे में ग्रामीण विस्थापितों का शिष्टमंडल विधायक जीत राम कटवाल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा व केंद्रीय राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर से मिलकर न्याय की गुहार लगा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।