Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Yamuna Nagar: एक साल में 234 लोगों की मौत, घने कोहरे ने छीन लीं सैकड़ों जिंदगियां; नए साल की शुरुआत भी रही मनहूस

    Updated: Thu, 04 Jan 2024 01:01 PM (IST)

    Accident in Yamuna Nagar यमुनानगर में सड़क दुर्घटना लगातार बढ़ रही है। कहीं पर वाहन चालक लापरवाही बरत रहे हैं तो कहीं पर सड़क सुरक्षा में खामी है। जिले में वर्ष 2023 में 429 दुर्घटना हुई। जिसमें 234 लोगों की मौत हुई। वहीं 397 लोग घायल हुए हैं। दिसंबर माह की बात करें तो 44 दुर्घटना में 23 की मौत हो चुकी है। 39 लोग घायल हुए हैं।

    Hero Image
    एक साल में 234 लोगों की मौत, घने कोहरे ने छीन लीं सैकड़ों जिंदगियां

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। Accident in Yamunanagar: हरियाणा के यमुनानगर में सड़क दुर्घटना लगातार बढ़ रही है। कहीं पर वाहन चालक लापरवाही बरत रहे हैं तो कहीं पर सड़क सुरक्षा में खामी है। सड़कों पर संकेतक नहीं है। पीली व सफेद पट्टी नहीं है। ब्लाइंड मोड पर संकेतक नहीं है। जिससे भी लोग दुर्घटना का शिकार बन रहे हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    युमनानगर में एक साल में हुई 429 दुर्घटनाएं

    जिले में वर्ष 2023 में 429 दुर्घटना हुई। जिसमें 234 लोगों की मौत हुई। वहीं 397 लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक दुर्घटना थाना शहर यमुनानगर, थाना सदर यमुनानगर व थाना छप्पर एरिया में हो रही है। सर्दी के मौसम में दुर्घटना का आंकड़ा बढ़ जाता है। दिसंबर माह की बात करें तो 44 दुर्घटना में 23 की मौत हो चुकी है। 39 लोग घायल हुए हैं। जनवरी माह में तीन दुर्घटना हो चुकी है।

    शाम के सात से आठ बजे होते हैं सड़क हादसे

    जिले में सबसे अधिक दुर्घटना शाम के सात से आठ बजे के बीच होती है। आइरेड (इंटीग्रेटिड रोड एक्सीडेंट डाटा) एजेंसी के रिकॉर्ड सबसे अधिक दुर्घटना शाम के सात से आठ बजे के बीच 79 दुर्घटना हुई। जिसमें 40 की मौत हुई है।

    इसकी वजह यह भी है इस समय में सड़क पर दबाव बढ़ जाता है। वाहन सड़कों पर अधिक रहते हैं, क्योंकि लोग नौकरीपेशा से लेकर अन्य लोग अपने घरों को निकलते हैं। कहीं पर जल्दबाजी में वह दुर्घटना का शिकार बन जाते हैं। रात के समय में नेशनल हाईवे से लेकर स्टेट हाईवे पर वाहनों की गति भी अधिक रहती है।

    सड़कों से संकेतक भी गायब

    जिले में सड़कों की खामियां भी दूर नहीं हो रही है। सड़कों पर संकेतक नहीं है। लिंक रोड से हाईवे पर चढ़ते समय सेफ साइड डिस्टेंस नहीं है। यह भी दुर्घटना का बहुत बड़ा कारण है। शहर के अंदर से भी लिंक रोड निकल रहे हैं। सेक्टर 17 से रोड निकलकर सीधा पुराना नेशनल हाईवे पर आता है।

    ऐसे में कई बार जल्दबाजी व तेजी में वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। यहां पर पेड़ खड़े हुए हैं। जिसकी वजह से दूर से आने वाला वाहन भी नजर नहीं आता। इसी तरह से जगाधरी से पांवटा साहिब हाईवे पर खामियां ही खामियां है। हालांकि इस रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि इस रोड का निर्माण पूरा होने के बाद सभी खामियां दूर हो जाएंगी।

    सर्दियों में बढ़ जाता है दुर्घटना का खतरा

    सर्दियों में घने कोहरा छाने लगता है। जिसमें दुर्घटना का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में सामने से आने वाला वाहन नहीं दिखाई देता। रात को दुर्घटना अधिक होती है।

    इसी तरह से सुबह के समय भी घना कोहरा छाने की वजह से वाहनों की भिडंत होने की आशंका रहती है। इससे बचाव के लिए यातायात थाना पुलिस व जिला परिवहन कार्यालय की ओर से वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जा रही है।

    यह भी पढ़ें- जमीन खा गई या आसमान निगल गया... दिव्या की हत्या के 48 घंटे बाद भी पुलिस को नहीं मिली लाश और BMW

    यह है वर्ष 2023 में प्रति माह सड़क दुर्घटना की स्थिति

    • माह - दुर्घटना - मौत - घायल
    • जनवरी - 38 - 25 - 32
    • फरवरी - 28 - 22 - 27
    • मार्च - 26 - 16 - 26
    • अप्रैल - 25 - 15 - 43
    • मई - 37 - 22 - 29
    • जून - 42 - 21 - 37
    • जुलाई - 42 - 23 - 20
    • अगस्त - 22 - 5 - 25
    • सितंबर - 33 - 13 - 33
    • अक्टूबर - 46 - 27 - 39
    • नवंबर - 48 - 29 - 37
    • दिसंबर - 44 - 23 - 39

    डीटीओ हैरतजीत कौर ने क्या कहा? 

    डीटीओ हैरतजीत कौर ने बताया कि जहां पर भी सड़कों में खामियां हैं। उन्हें दूर कराने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है। कोहरे में दुर्घटना रोकने के लिए वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जा रही है। चालकों को भी निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने की अपील की जा रही है।

    यह भी पढ़ें- Haryana News: अब अफ्रीकी देशों में खेती करेंगे हरियाणा के किसान, मनोहर सरकार ने क्यों लिया ऐसा फैसला