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    सोनीपत में यमुना प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई, औद्योगिक क्षेत्रों में लगेंगे CCTV कैमरे

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 02:22 PM (IST)

    सोनीपत में यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। अध ...और पढ़ें

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    औद्योगिक क्षेत्रों में एक सप्ताह के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाने और अवैध प्रवेश द्वार बंद करने के निर्देश दिए गए। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, सोनीपत। यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मिनी सचिवालय में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के सदस्य सचिव, IAS योगेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विशेष कार्य बल (DSTF) की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में यमुना नदी के कायाकल्प के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए।

    बैठक की अध्यक्षता करते हुए योगेश कुमार ने साफ कहा कि यमुना नदी का कायाकल्प सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि प्रदूषण से संबंधित समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि आम जनता को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बैठक से अनुपस्थित रहने वाले विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी आदेश दिए। इसके बाद, सदस्य सचिव ने बड़े औद्योगिक संघों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की, उनकी समस्याओं को सुना और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

    बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रचेता सिंह, CTM डॉ. अनमोल, ACP राजपाल सिंह, SE HSPCB जेपी सिंह, तकनीकी सलाहकार बाबूराम, RO अजय सिंह, DDPO मनीष मलिक, DTP अजमेर सिंह, साथ ही विभिन्न विभागों के XEN और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

    एक सप्ताह के भीतर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे

    योगेश कुमार ने जिले के सभी औद्योगिक क्षेत्रों के प्रॉपर्टी प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे एक सप्ताह के भीतर सभी औद्योगिक क्षेत्रों के प्रवेश और निकास द्वारों पर अनिवार्य रूप से BNR आधारित CCTV कैमरे लगाएं। प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में कंट्रोल रूम स्थापित करने और 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा।

    अवैध प्रवेश द्वारों को तुरंत बंद करने के निर्देश

    HSPCB के सदस्य सचिव ने निर्देश दिया कि औद्योगिक क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले अवैध टैंकरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए पुलिस विभाग के सहयोग से एक विशेष अभियान चलाया जाए। ऐसे टैंकरों का चालान करने और बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों को ब्लैकलिस्ट करने के भी आदेश दिए गए। औद्योगिक क्षेत्रों में बनाए गए अवैध प्रवेश द्वारों को तुरंत बंद करने के भी निर्देश दिए गए।

    लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन

    बैठक में NCR क्षेत्र में लकड़ी जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को इंडस्ट्रियल एरिया में लकड़ी ले जाने वाले ट्रकों पर कड़ी नज़र रखने और नियमों का उल्लंघन करने वाली यूनिट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। खुले में ठोस, प्लास्टिक और खतरनाक कचरा फेंकने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

    नथूपुर में कचरा समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश

    इस दौरान जिले में चल रहे CETP और STP की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जठेरी रोड पर जलभराव और नथूपुर इलाके में फैले कचरे की समस्या पर चर्चा करते हुए, संबंधित विभागों को इन समस्याओं को जल्द से जल्द हल करने का निर्देश दिया गया। सभी अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर किए गए काम की रिपोर्ट, फोटो और वीडियो के साथ हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जमा करने को कहा गया।

    GRAP-3 की पाबंदियां हटाई गईं

    डिप्टी कमिश्नर सुशील सरवान ने बताया कि नेशनल कैपिटल रीजन और आसपास के इलाकों में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, GRAP-3 के तहत लगाई गई पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में तेज़ हवाओं और अनुकूल मौसम की स्थिति के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार देखा गया है, और कमीशन ने इसी को देखते हुए यह फैसला लिया है। हालांकि, GRAP स्टेज 1 और 2 के तहत सभी पाबंदियां और नियंत्रण उपाय पहले की तरह लागू रहेंगे, और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन के कारण रोके गए निर्माण और तोड़फोड़ परियोजनाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, पानी का छिड़काव, कवरिंग, मैकेनिकल स्वीपिंग और प्रदूषण मानकों का पालन अनिवार्य रहेगा।

    डिप्टी कमिश्नर सुशील सरवान ने नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस, परिवहन विभाग, खनन विभाग और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों को GRAP-1 और GRAP-2 के तहत निर्धारित उपायों की सख्ती से निगरानी करने का निर्देश दिया ताकि हवा की गुणवत्ता फिर से खराब न हो।

    उन्होंने नागरिकों से GRAP के तहत जारी सिटीजन चार्टर का पालन करने, अनावश्यक वाहनों का उपयोग कम करने, कचरा जलाने से बचने और प्रदूषण नियंत्रण में प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की।