Sonipat Weather: बूंदाबांदी और हाड़ कंपाने वाली ठंड से हुआ नए साल का स्वागत, किसानों को होगा फायदा
सोनीपत में घना कोहरा और शीतलहर जारी है, जिससे ट्रेनों में देरी हुई। पश्चिमी विक्षोभ के कारण नए साल पर हल्की बारिश और कड़ाके की ठंड की संभावना है। अधिक ...और पढ़ें

पश्चिमी विक्षोभ के कारण नए साल पर हल्की बारिश और कड़ाके की ठंड की संभावना है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, सोनीपत। NCR में मौसम लगातार बदल रहा है। सोनीपत में मंगलवार देर रात से कोहरा छाना शुरू हो गया था और बुधवार सुबह पूरा जिला घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। कम विजिबिलिटी के कारण हाईवे पर गाड़ियां लाइट जलाकर लाइन में चल रही थीं और कोहरे के कारण ट्रेनें भी धीमी हो गईं। लंबी दूरी की ट्रेनें अपने तय समय से एक से सात घंटे देरी से स्टेशन पहुंचीं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से नए साल के दिन कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना है, वहीं शीतलहर के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।
सुबह के समय शीतलहर से कोहरे से कुछ राहत मिली, लेकिन आसमान में बादल छाए रहने और तापमान में गिरावट के कारण दिन भर ठंड बनी रही। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री ज्यादा था। न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने के कारण ठिठुरन और कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पहाड़ी इलाकों की ओर बढ़ रहा है, जो देर रात सक्रिय हो जाएगा। इसके असर से दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती सर्कुलेशन बन रहा है, जिसका असर मैदानी इलाकों में भी साफ दिख रहा है। इसके असर से जिले में बादलों की आवाजाही, तेज ठंडी हवाएं और सुबह के समय कोहरा देखा जा रहा है।
शीतलहर से ठिठुरन
ठंड के साथ-साथ हवा की गति बढ़ने से ठिठुरन भी बढ़ गई है। दिन भर करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शीतलहर चलती रही, जिससे बाहर निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 225 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
ठंडा मौसम गेहूं के लिए फायदेमंद
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह ठंड और कोहरा गेहूं की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। इससे फसल की अच्छी ग्रोथ होती है। हालांकि, जिन किसानों ने हाल ही में सब्जियां बोई हैं, उन्हें पाले से अपनी फसलों को बचाने के लिए उपाय करने पड़ रहे हैं।
मौसम बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से नए साल के दिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस बीच, शीतलहर के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। उत्तरी पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर 2 जनवरी के बाद मैदानी इलाकों में भी दिखेगा। इसके बाद जिले में कोहरा, शीतलहर, ठंडे दिन की स्थिति और पाला पड़ सकता है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
-डॉ. प्रेमदीप, मौसम विज्ञानी, KVK, जगदीशपुर

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