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    सोनीपत सिविल अस्पताल में मरम्मत के नाम पर दिखावा, मरीजों की अनदेखी

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 03:37 PM (IST)

    सोनीपत सिविल अस्पताल में 5 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत का काम शुरू हुआ है, लेकिन आवश्यक सुविधाओं के बजाय सजावट पर ध्यान दिया जा रहा है। छत की मरम्मत ...और पढ़ें

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    सोनीपत सिविल अस्पताल में 5 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत का काम शुरू हुआ है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, सोनीपत। 13 साल बाद आखिरकार जिला सिविल अस्पताल में मरम्मत का काम शुरू हो गया है, लेकिन ज़रूरी सुविधाओं के बजाय सजावट पर पैसा खर्च किया जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि पूरे अस्पताल परिसर में मलबे के ढेर बिखरे पड़े हैं।

    फर्श अच्छी हालत में होने के बावजूद, अस्पताल अधिकारियों ने नई टाइलें लगाना शुरू कर दिया है, जबकि छत की मरम्मत और मरीज़ों के लिए दूसरी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। नतीजतन, मरीज़ों को अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं।

    अस्पताल में पांच करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत का काम शुरू किया गया है। शौचालयों की मरम्मत पर 66.50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर के अंदर टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए 1.18 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, छत की मरम्मत के लिए 25.34 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। अस्पताल के OPD गेट के बाहर का इलाका बहुत खराब हालत में है, और मलबा हटाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

    अस्पताल आने वाले मरीजों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज़ों के लिए बैठने का कोई सही इंतज़ाम नहीं है। हर जगह लगातार धूल उड़ रही है। अस्पताल में रोज़ाना 2000 मरीज़ों की OPD होती है। दवाओं के पर्याप्त स्टॉक, डायग्नोस्टिक सुविधाओं, ज़रूरी उपकरणों, या रात में मैटरनिटी वार्ड के बाहर बैठने की व्यवस्था पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

    मरम्मत के नाम पर मलबे के ढेर

    अस्पताल में विशेष मरम्मत के लिए मुख्यालय से लगभग पांच करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। प्राथमिकता लीक होती छतों को ठीक करने और खस्ताहाल वार्डों की मरम्मत करने की होनी चाहिए थी, लेकिन काम उल्टे तरीके से किया जा रहा है। ठेकेदारों ने बिल्कुल सही टाइलों को हटाकर उनकी जगह नई टाइलें लगाना शुरू कर दिया है। OPD से लेकर पूरे अस्पताल परिसर तक मलबे के ढेर बिखरे पड़े हैं। टूटी टाइलों और निर्माण सामग्री के कारण कई जगहों पर फर्श फिसलन भरे हो गए हैं, जिससे मरीज़ों के गिरने का लगातार खतरा बना रहता है।

    दिखावटी राजनीति और मरीजों की सुरक्षा दांव पर

    OPD गेट के ठीक बाहर का इलाका बहुत खराब हालत में है; मलबा भी साफ नहीं किया गया है। अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से ऐसे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रहा है जो सिर्फ़ आवंटित बजट का इस्तेमाल करने के लिए प्रगति का ऊपरी दिखावा करते हैं। पांच करोड़ की मरम्मत योजना में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और मरीज़ों की सुरक्षा की पूरी तरह से अनदेखी की गई है।

    मरम्मत का काम लोक निर्माण विभाग की देखरेख में किया जा रहा है। मलबे की समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीज़ों को कोई असुविधा न हो। बजट का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा, और जो ठेकेदार घटिया निर्माण या लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
    -डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन, सोनीपत