नेशनल चैंपियन झोटा राका की लग्जरी लाइफ, ड्राई फ्रूट समेत रोजाना पांच किलो दूध की खुराक, पांच किमी करता है सैर
रोहतक के डोभ गांव का युवा झोटा राका न केवल आकर्षण का केंद्र बना रह बल्कि नेशनल चैंपियन भी बना। इसके पशु पालक रविंद्र के मुताबिक मुर्रा नस्ल का यह झोटा ...और पढ़ें

रतन चंदेल, रोहतक : रोहतक के गांव गद्दी खेड़ी में राष्टरीय मुर्रा पशुधन प्रतियोगिता हुई। जिसमें हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों से भी पशुपालक पशुओं के साथ पहुंचे। पशुधन प्रतियोगिता में झोटे, भैंस व गाय सहित अनेक पशु लाए गए। जिनमें रोहतक के डोभ गांव का युवा झोटा राका न केवल आकर्षण का केंद्र बना रह बल्कि नेशनल चैंपियन भी बना। इसके पशु पालक रविंद्र के मुताबिक मुर्रा नस्ल का यह झोटा 2020 में महेंद्रगढ़ के ताजपुर में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी चैंपियन रहा था। उस समय राका की आयु महज 22 महीने ही थी। वर्तमान में राका की आयु तीन साल 11 महीने है।
पांच फीट छह इंच का यह झोटा देखने के लिए अनेक पशुपालक आए। 1300 किलोग्राम वजनी यह झोटा पशुपालकों के लिए खास आकर्षण बना रहा। रविंद्र का कहना है कि राका के पिता अर्जुन कुंगड भिवानी सात बार नेशनल चैंपियन रह चके हैं। जबकि राका के दादा खली ने पंजाब में आल टाइम विनर का खिताब करीब 10 साल पहले जीता था।
रविंद्र व उनके भाई नरेंद्र ही राका की देखभाल करते हैं। रविंद्र व नरेंद्र 12वीं पास हैं। राका की खुराक को लेकर उन्होंने बताया कि राका की रोजाना की खुराक में खल, बिनोला, देशी चना, सोयाबीन, पांच किलो दूध शामिल हैं। जिसके पर रोजाना करीब 1500 रुपये खर्च होता है। राका की पांच किलोमीटर रोजाना सैर भी कराते हैं।
नेशनल पशुधन प्रतियोगिता में भाग लेने आया भिवानी का बाक्सर झोटा में खूब छाया गया। इसे देखने के लिए दिनभर पशुपालक आते रहे और इसकी खूब सराहना करते रहे। भिवानी के बुढेड़ा गांव के पशुपालक कर्मवीर ने बताया कि बाक्सर की आयु चार साल दो महीने हैं। इसका वजन 1000 किलोग्राम है। इसकी ऊंचाई पांच फीट छह इंच है। परिवार में झोटा पालन उनका शौक है। कर्मवीर के मुताबिक बाक्सर की कीमत 22 लाख रुपये लग चुकी हैं लेकिन उन्होंने नस्ल् सुधार के लिए झोटा रखा हुआ है।

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