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Weather Update: रेवाड़ी में धूप से मिली ठंड से राहत, लेकिन शाम को फिर बढ़ी ठिठुरन; किसानों को होगा फायदा

Published: Sun, 04 Jan 2026 05:01 PM (IST)

रेवाड़ी में रविवार को तेज धूप निकलने से कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली, जिससे तापमान में मामूली बढ़ोतरी ...और पढ़ें

रेवाड़ी में रविवार को तेज धूप निकलने से कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। फाइल फोटो

रेवाड़ी में रविवार को तेज धूप निकलने से कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। नए साल के चौथे दिन रविवार को लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली। दिन भर तेज धूप रहने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। हालांकि, शाम को सूरज जल्दी डूबने से ठंड फिर लौट आई। कई दिनों बाद धूप निकलने और छुट्टी का दिन होने के कारण पार्कों में काफी चहल-पहल रही।

रविवार को न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शनिवार को न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 16.5 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 जनवरी तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ जगहों पर कोहरा भी छा सकता है।

लंबी दूरी की ट्रेनें लेट

लगातार ठंड और कोहरे का असर ट्रेनों पर भी पड़ रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनें काफी लेट चल रही हैं। कामाख्या से भगत की कोठी जाने वाली ट्रेन नंबर 15624 भगत की कोठी एक्सप्रेस चार घंटे 49 मिनट लेट चल रही है। 74003 दिल्ली-रेवाड़ी DEMU 45 मिनट लेट पहुंची, और दिल्ली-साबरमती आश्रम एक्सप्रेस 42 मिनट लेट पहुंची।

उदयपुर सिटी सुपरफास्ट चंडीगढ़-उदयपुर सिटी 50 मिनट लेट चल रही है। इसी तरह, रेवाड़ी से उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और असम की ओर जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें अपने तय समय से पीछे चल रही हैं। 

अभी फसलों को कोई दिक्कत नहीं: कृषि विशेषज्ञ

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अभी मौसम फसलों के लिए अनुकूल है। सरसों के पौधों में अच्छी तरह फूल आ गए हैं। वातावरण में नमी के कारण फलियां अच्छी तरह बनेंगी। गेहूं में बालियां बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सुबह-शाम की ठंड, कोहरा और वातावरण में नमी के साथ-साथ दिन में धूप फसलों को अच्छा पोषण दे रही है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. अनिल यादव का कहना है कि अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन मौसम साफ होने पर किसान जरूरत के हिसाब से हल्की सिंचाई कर सकते हैं। फिलहाल फसलों में किसी बीमारी की कोई रिपोर्ट नहीं है।