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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा के कई जिलों में शीतलहर की चेतावनी, हिसार में पड़ रही है सबसे ज्यादा ठंड; पढ़ें मौसम का लेटेस्ट अपडेट

Published: Wed, 11 Dec 2024 07:48 AM (IST)

हरियाणा में शीतलहर शुरू हो गई है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण हरियाणा के इलाकों ...और पढ़ें

हरियाणा में शुरू हो गया शीतलहर का कहर (फाइल फोटो)
हरियाणा में शुरू हो गया शीतलहर का कहर (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 14 दिसंबर तक प्रदेश का लगभग हिस्सा शीतलहर से होगा प्रभावित
  2. हिसार में सबसे कम 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया तापमान

जागरण संवाददाता, पानीपत। हवा का पैटर्न बदलने व पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। 9.5 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा से मौसम साफ हो गया। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने और पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद उत्तरी के कई हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।

हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व एनसीआर के इलाके में पारा तेजी से गिरा है। हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। सबसे कम तापमान हिसार में 4.5 डिग्री दर्ज किया गया।

कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। यह इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। इस ठंडक के चलते कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति बन गई है, जो अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।

14 तक प्रदेश का 70 प्रतिशत हिस्सा हो सकता है प्रभावित

फुट हिल्स यानी 1200 से 2500 फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में तापमान लगभग शून्य के पास पहुंच गया है। जिसका असर यह रहा कि मैदानी क्षेत्र में तापमान सामान्य से नीचे चला गया ओर शीत लहर की स्थिति बन गई। 14 दिसंबर तक प्रदेश का 70 प्रतिशत हिस्सा शीतलहर से प्रभावित हो सकता है।

अगले कुछ दिनों में यह रहेगी मौसम की गतिविधियां

मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में उच्च पहाड़ियों पर बना हुआ है, लेकिन इसका मैदानी इलाकों पर प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।

अगले दो दिनों तक तापमान में और गिरावट रुक सकती है। हालांकि, पहाड़ियों में साफ मौसम के बाद सप्ताह के अंत तक पारे में और गिरावट आ सकती है। इस दौरान शीतलहर की स्थिति तेज हो सकती है और इसका असर ज्यादा हो सकता है।

जानिये कब होती है शीतलहर की घोषणा

मौसम विभाग के मुताबिक मैदानी इलाकों में शीतलहर की स्थिति तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री या उससे कम हो और यह लगातार दो दिनों तक सामान्य से 4.5 डिग्री कम रहे। छोटे क्षेत्रों में यदि यह मापदंड एक दिन के लिए भी पूरा होता है, तो शीतलहर घोषित की जा सकती है।

जब न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री या उससे कम हो, तो भी शीतलहर मानी जाती है। वर्तमान में इन दोनों मानकों का मिश्रण देखा जा रहा है, जिससे उत्तरी राज्यों के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है।

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प्रदेश में तापमान

जिला न्यूनतम अधिकतम
अंबाला 9.5 21.3
भिवानी 6.2 20.9
गुरुग्राम 8 20.9
हिसार 4.5 21.6
करनाल 5.8 21.3
कुरुक्षेत्र 8.7 21.1
पानीपत 9.4 20.6
रोहतक 7 18.3

हिसार के बालसमंद का तापमान पहुंचा 3.7 डिग्री

पहाड़ों में लगातार बर्फबारी के बाद मैदानी इलाके ठिठुर गए है। उत्तर व उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाओं से रात का तापमान तेजी से नीचे गिरा है। हिसार के बालसमंद का रात का तापमान 3.7 डिग्री तक पहुंच गया।

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