सच हुआ करनाल एयरपोर्ट के विस्तार का सपना, सीएम सिटी में उतरेंगे विमान
सरकार ने विस्तार के साथ नवीनीकरण कार्य आगे बढ़ाने की योजना को मंजूरी दे दी है। किसानों ने भी स्वेच्छा से ई-भूमि पोर्टल पर जमीन अपलोड करने की सहमति दी। ...और पढ़ें

पानीपत/करनाल, जेएनएन। सीएम सिटी को सीएम के करनाल आगमन से एक दिन पहले बड़ी सौगात हासिल हुई। इसके तहत प्रदेश सरकार ने करनाल एयरपोर्ट के विस्तार का सपना सच करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। यहां नवीनीकरण का काम भी तेजी से आगे बढ़ेगा। इससे एयरपोर्ट की मौजूदा हवाई पट्टी का विस्तार तीन से पांच हजार फुट तक हो सकेगा। उसके बाद यहां छोटे और मध्यम श्रेणी के विमान आसानी से उतर सकेंगे। वहीं, एयरपोर्ट परियोजना के विस्तार से राज्य में निवेश और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
3 हजार से 5 हजार फुट तक किया जाएगा हवाई पट्टी का विस्तार
सीएम सिटी का यह बहुआयामी प्रोजेक्ट काफी समय से लटका हुआ था। खासकर, भूमि खरीद को लेकर लेकर उलझे मामले के कारण यह परियोजना सिरे नहीं चढ़ पा रही थी। ऐसे में अब करनालवासियों की यह मुराद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में उच्चाधिकार प्राप्त भूमि खरीद समिति द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय के नतीजे में पूरी हुई है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि इस परियोजना के तहत करनाल एयरपोर्ट की मौजूदा हवाई पट्टी का विस्तार 3000 फुट से 5000 तक किया जाएगा। यहां उतरने वाले छोटे व मध्यम श्रेणी के विमानों का उपयोग पार्किंग, बेसिंग व लाइट एमआरओ में किया जा सकेगा। इसे दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकटवर्ती क्षेत्र होने का भी स्वाभाविक लाभ हासिल होगा।
172 एकड़ छह कनाल 16 मरला है प्रस्तावित भूमि
उपायुक्त ने बताया कि इस परियोजना के लिए कुल प्रस्तावित भूमि 172 एकड़ छह कनाल 16 मरला है। इसमें 106 एकड़ छह कनाल 14 मरला क्षेत्रफल हरियाणा सरकार का है। भूमि के संदर्भ में जिले के गांव कलवेहड़ी के 24 जमींदारों और शेयरधारकों ने मख्यमंत्री मनोहर लाल से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्वेच्छा से अपनी 38 एकड़ पांच मरला जमीन को हरियाणा सरकार के ई-भूमि पोर्टल पर अपलोड करने के संदर्भ में सहमति व्यक्त की।
नियमों के अनुरूप भूमि खरीद
उपायुक्त ने बताया कि विकास परियोजनाओं के लिए स्वेच्छा से दी गई भूमि की खरीद नीति के अनुसार 87.25 लाख प्रति एकड़ सड़क पर (2 एकड़ तक) और 82.25 लाख प्रति एकड़ अन्य कृषि भूमि के लिए निर्धारित है। इसी तरह हरियाणा अधिनियम नंबर 28 ऑफ 2017 के खंड तीन के अनुसार, हरियाणा भूमि परियोजना एकीकरण 2017 (विशेष प्रावधान) के अनुसार जहां राज्य सरकार किसी विशेष क्षेत्र में कुल परियोजना भूमि का सत्तर प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सा खरीदती है, वहां सरकार परियोजना की व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए कुल परियोजना भूमि को समेकित करेगी। इस मामले में 80 प्रतिशत से अधिक निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि 27 एकड़ चार कनाल 17 मरला के शेष भूस्वामियों को एक ही राजस्व संपत्ति में समान मूल्यांकन की भूमि दी जाएगी।
बीस किलोमीटर तक नहीं होगा निर्माण
डीसी ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मानदंडों के अनुसार हवाई अड्डे के 20 किलोमीटर के दायरे में किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। शुक्रवार को हाई पावर्ड लैंड परचेज कमेटी की ओर से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब नागरिक उड्डयन विभाग एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा। करनाल एयरपोर्ट परियोजना के विस्तार से हरियाणा राज्य में निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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