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    एक क्लिक पर बच्चे मोबाइल पर पढ़ सकेंगे संज्ञा-सर्वनाम, इन्फोग्राफ में मिलेगा पूरा व्याकरण, पढ़ें रिपोर्ट

    By Naveen DalalEdited By:
    Updated: Sun, 23 Jan 2022 08:28 AM (IST)

    इंटरेक्टिव तकनीक से तैयार माइंड मैप पर क्लिक करते ही विद्यार्थी विषय को रिवाइज करने के बाद खेल-खेल में अपना स्वयं का आकलन भी कर पाएंगे। डा.चावला ने बत ...और पढ़ें

    हिंदी डिजिटल ई-व्याकरण का प्रथम संस्करण बहुत जल्द होगा लांच।

    कैथल, जागरण संवाददाता। किसी भाषा को समझने के लिए उसकी व्याकरण को आत्मसात करना पहली आवश्यकता होती है। मौजूदा महामारी के हालातों में जब  बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, ऐसी स्थितियों को देख कर कई बार लगता है कि क्यों नहीं सब कुछ मोबाइल या कंप्यूटर पर पढ़ा-लिखा जा सकता। हालांकि यह सुविधाएं इंटरनेट पर हैं, लेकिन यह सभी के लिए सुलभ नहीं है।

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    हिंदी प्राध्यापक डा. विजय कुमार चावला का इन्फोग्राफिक, इंटरस्टिंग और इंटरेक्टिव तैयार

    राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्योड़क में हिंदी प्राध्यापक डा.विजय कुमार चावला ने इसे सुलभ कर दिया है। उन्होंने सूचना एवं संचार (आइसीटी) तकनीक का प्रयोग करते हुए हिंदी व्याकरण के विभिन्न पहलुओं को इन्फोग्राफिक, इटरस्टिंग और इंटरेक्टिव तकनीक से तैयार किया है। इसे ई-व्याकरण का नाम दिया है। हिंदी डिजिटल ई-व्याकरण का प्रथम संस्करण एक हफ्ते में लांच होने जा रहा है। इन्फोग्राफिक को इस तरह से तकनीकी तरीके से तैयार किया गया है, उसमें किसी भी विषय पर क्लिक करते ही उसका पूरा अध्याय खुल जाएगा। बड़ी बात यह है कि यह विद्यार्थियों और स्कूलों को निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

    स्मार्च कक्षा कक्ष बनाए जा रहे हैं

    डा.चावला ने बताया कि इसे तैयार करने के पीछे उनका उद्देश्य विद्यालय में हिंदी के शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों तथा अध्यापकों को आ रही दिक्कतों को दूर करना रहा है। आज विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा लैंग्वेज लैब, टैब लैब, स्मार्ट कक्षा-कक्ष तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन हिंदी व्याकरण का पाठ्यक्रम से संबंधित ई-कंटेंट विद्यालयों में उपलब्ध नहीं है। इसलिए उन्होंने हिंदी व्याकरण को इन्फोग्राफिक, इटरस्टिंग और इंटरेक्टिव तकनीक से तैयार करने का निर्णय लिया। 

    क्या-क्या मिलेगा

    डा.चावला ने बताया कि उन्होंने हिन्दी की ई-व्याकरण इन्फोग्राफिक, इटरस्टिंग और इंटरेक्टिव माइंड मैपिंग के साथ तैयार की है। इसमें व्याकरण के सभी पहलुओं यथा वर्ण, शब्द, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, अव्यय, उपसर्ग, प्रत्यय, पदबंध, वाक्य, संधि, समास, रस, शब्दशक्ति, काव्य गुण, छंद, कारक, वाक्य, अलंकार, उपसर्ग, प्रत्यय, विलोम तथा पर्यायवाची शब्द,विराम-चिहन आदि पर इन्फोग्राफिक, इटरस्टिंग और इंटरेक्टिव तकनीक से माइंड मैप तैयार किए हैं, जो बच्चों के लिए परीक्षा की पुनरावृत्ति में बहुत सहायक होंगे। विद्यार्थी माइंड मैप पर जैसे ही क्लिक करेंगे, वे उस विषय की पठन सामग्री पर पहुंच जाएंगे। विद्यार्थी परीक्षा के दिनों में इन्फोग्राफिक माइंड मैप का प्रयोग करते हुए विषय को विज्युअली रिवाइज कर पाएंगे।

    विद्यार्थी कर सकेंगे खेल-खेल में अपना स्वयं का आकलन

    इंटरेक्टिव तकनीक से तैयार माइंड मैप पर क्लिक करते ही विद्यार्थी विषय को रिवाइज करने के बाद खेल-खेल में अपना स्वयं का आकलन भी कर पाएंगे। डा.चावला ने बताया कि विद्यार्थियों को खेल-खेल में आकलन के लिए लिंक तथा क्यूआर कोड प्रदान किए जाएंगे। विद्यार्थी आनलाइन खेलों यथा भूलभुलैया, मिलान करो, ओपन द बाक्स, गेम शो क्विज और क्विज़ के माध्यम से अपना आकलन भी कर पाएंगे और विषय को विज्युअली रिवाइज भी कर पाएंगे। आनलाइन खेल समाप्त करते ही विद्यार्थी अपना स्कोरकार्ड भी देख पाएंगे। विद्यार्थियों के अंक उनके पास स्वत: ही आ जाएंगे और यह सब संगीतमयी होगा।

    जिला उपायुक्त ने सराहा

    उपायुक्त कैथल प्रदीप दहिया ने डा. विजय चावला के इन्फोग्राफिक,इटरस्टिंग और इंटरेक्टिव तकनीक से हिंदी डिजिटल ई-व्याकरण तैयार करने की सराहना की है।उनका कहना है कि डा.चावला द्वारा आइसीटी तकनीक व उसके उपकरणों का सफल प्रयोग करते हुए हिंदी व्याकरण के विभिन्न पहलुओं को जिस तरह इन्फोग्राफिक मैपिंग के जरिये प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया है, वह निःसंदेह एक सार्थक प्रयास है।