नगर निगम चुनाव : कांग्रेस के स्टार प्रचारकों पर टिकी निगाह, हुड्डा निभाएंगे दोस्ती या उतरेंगे प्रचार के लिए
अंबाला नगर निगम चुनाव पर अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ जनता की निगाहें टिक गई हैं। कांग्रेस से बगावत कर पूर्व राजस्व मंत्री निर्मल सिंह ने पार्टी छोड़ ब ...और पढ़ें

पानीपत/अंबाला, जेएनएन। नगर निगम अंबाला का चुनाव इन दिनों लोगों की जुबान पर है। खास है कांग्रेस से बागी होकर अपना हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट (एचडीएफ) बनाने वाले पूर्व राजस्व मंत्री मेयर पद सहित सभी बीस वार्डों पर अपने प्रत्याशी उतरे हैं। अब निगाहें पूर्व राजस्व मंत्री व मेयर पद की उम्मीदवार के पक्ष में क्या पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा आएंगे या नहीं इस पर नजरें हैं। विधानसभा चुनावों में हुड्डा ने निर्मल सिंह से दोस्ती निभाई और उनके खिलाफ प्रचार करने मैदान में नहीं उतरे थे। दूसरी ओर पिता की राजनीतिक जमीन को और मजबूती देने के लिए निर्मल सिंह की बेटी चित्रा सरवारा भी पूरी ताकत झोंक रही हैं।
विधानसभा 2019 की बात करें, तो अंबाला कैंट और सिटी में कांग्रेस टिकट के दावेदार बगावत पर उतर आए थे। खासकर पूर्व राजस्व मंत्री निर्मल सिंह ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी। यह मामला काफी उछला, जबकि निर्मल सिंह ने अंबाला शहर से आजाद उम्मीदवार और अंबाला कैंट से चित्रा सरवारा ने चुनाव में ताल ठोक दी। हुड्डा खेमे से दोनों नेता अपने दम पर चुनाव प्रचार के लिए जुटे रहे। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने असमंजस की स्थिति रही कि वे विस चुनावों में दोस्ती निभाएं या नहीं। विस चुनाव 2019 में हुड्डा न तो अंबाला कैंट और न ही सिटी में कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए आए।
अब नगर निगम अंबाला चुनाव में एक बार फिर से वही स्थिति सामने है। इस बार निर्मल सिंह और बिट्टू चावला दोनों हुड्डा खेमे से माने जाते हैं। बिट्टू चावला की पत्नी अमीषा चावला मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में हैं, तो सभी बीस वार्डों से चुनाव मैदान में हैं। अब नजरें हैं कि हुड्डा इन चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में चुनाव प्रचार के लिए आएंगे या फिर विस चुनाव 2019 की तरह ही निर्मल सिंह से अपनी दोस्ती निभाएंगे। उल्लेखनीय है कि 27 दिसंबर को नगर निगम अंबाला के लिए वोटिंग होगी।

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