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    हरियाणा: सर्दी की पहली बूंदाबांदी से नव वर्ष की शुरुआत, हवा और कोहरे ने बढ़ाई कंपकंपी; किसानों के लिए राहत की उम्मीद

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 04:12 PM (IST)

    नव वर्ष की शुरुआत पानीपत में बूंदाबांदी से हुई, जिससे ठंड और बढ़ गई। तेज हवा और घने कोहरे ने ठिठुरन को तीखा कर दिया, दिनभर धूप नहीं निकली। अधिकतम तापम ...और पढ़ें

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    हरियाणा में सर्दी की पहली बूंदाबांदी से नव वर्ष की शुरुआत। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, पानीपत। नव वर्ष की शुरुआत सर्दी की पहली बूंदाबांदी के साथ हुई और इसके साथ ही मौसम ने अचानक करवट बदल ली। लंबे अंतराल के बाद हुई हल्की वर्षा ने जहां वातावरण में नमी बढ़ाई, वहीं तेज हवा और कोहरे के मेल ने ठिठुरन को और तीखा कर दिया।

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    वीरवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए, जिससे ठंड का असर पूरे दिन बना रहा। लोग घरों में दुबके रहे और सर्दी से बचाव के लिए अलाव व गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के साथ यह 9.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    तापमान में यह बढ़ोतरी भले ही राहत जैसी लगे, लेकिन हवा में नमी और कोहरे के कारण ठंड का अहसास कहीं ज्यादा रहा। सुबह और शाम के समय सड़कों पर दृश्यता कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बूंदाबांदी के बाद कोहरे की चादर

    बूंदाबांदी के थमते ही एक बार फिर कोहरे की चादर छा गई। हवा में मौजूद नमी के कारण आसमान पूरी तरह साफ नजर नहीं आया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह गीला दौर शुक्रवार सुबह तक बना रह सकता है, जबकि शाम और रात में मौसम धीरे-धीरे साफ होने के आसार हैं। इसके बाद तापमान में गिरावट के साथ धुंध और कोहरा और गहराने की संभावना है।

    पश्चिमी विक्षोभ का व्यापक असर

    मौसम में आए इस बदलाव के पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को मुख्य कारण माना जा रहा है। यह सिस्टम पहले ही उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों को प्रभावित कर चुका है। कई इलाकों में बर्फबारी शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर हिमपात की संभावना बनी हुई है।

    पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के रूप में देखने को मिल रहा है, जिससे ठंड और शीत लहर की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर व पश्चिमी हरियाणा के कुछ हिस्सों में हुई बूंदाबांदी से प्रदूषण के स्तर में भी आंशिक कमी आएगी। हवा में मौजूद धूलकण और प्रदूषक कण जमीन पर बैठ जाएंगे, जिससे कुछ दिनों के लिए हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।



    पहली सर्दियों की बारिश, असर गहरा

    यह इस क्षेत्र के लिए सर्दी के मौसम की पहली बारिश मानी जा रही है। जनवरी महीने की शुरुआत में हुई इस वर्षा से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का प्रभाव और बढ़ सकता है।

    गुरुवार देर रात और शुक्रवार को मौसम में कुछ हद तक साफ़ी आने की उम्मीद है, लेकिन सिस्टम के गुजरते ही उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं चलेंगी। इससे शीत लहर की स्थिति और मजबूत हो सकती है।

    मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि कोहरे के कारण परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। रेल, सड़क और हवाई यातायात में देरी या रुकावट की स्थिति बन सकती है। खासकर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना है, ऐसे में वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    किसानों के लिए राहत की उम्मीद

    जहां आमजन के लिए यह मौसम परेशानी का सबब बन रहा है, वहीं किसानों के लिए यह बूंदाबांदी राहत की खबर लेकर आई है। कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि हल्की बूंदाबांदी फसलों के लिए नाइट्रोजन का काम करती है। यदि आगे अच्छी वर्षा होती है तो यह गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हो सकती है। इससे खेतों में नमी बनी रहेगी और फसल की बढ़वार बेहतर होगी।

    अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा

    ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए शहर और ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह लोग अलाव तापते नजर आए। खासकर सुबह और देर शाम ठंड का असर ज्यादा रहा। बाजारों में भी गर्म कपड़ों, स्वेटर, जैकेट और कंबलों की मांग बढ़ गई है।

    कुल मिलाकर, नव वर्ष की पहली बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। आने वाले दिनों में ठंड, कोहरा और शीत लहर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतना ही फिलहाल सबसे बेहतर उपाय माना जा रहा है।