कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। अब गीता की जन्मस्थली ज्योतिसर में भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप के दर्शन होंगे। रविवार को 33 टन की मूर्ति के चरण और शेषनाग के पिछले हिस्से को तटस्थल पर स्थापित किया गया। इस मूर्ति को विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सूतार ने तैयार किया है, जिसे स्थापित कराने के लिए उनके बेटे अनिल सूतार खुद कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां उनके साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा व अन्य मौजूद रहे। मूर्ति ज्योतिसर में 15 अगस्त को पहुंची थी। अक्टूबर के अंत तक ज्योतिसर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप के दर्शन कर सकेंगे।

मूर्ति पवित्र स्थली पर लाइट एंड साउंड शो के ठीक सामने पूर्व-दक्षिण दिशा की तरफ मुख कर लगाई जा रही है। पहले इसे पूर्व दिशा में लगाया जाना था। करीब 40 फीट के विराट स्वरूप लगाने के लिए 12 फीट का फाउंडेशन बनाया गया है। श्रीकृष्ण भगवान ने महाभारत में ज्योतिसर की धरती पर अर्जुन को गीता का संदेश दिया था। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने कृष्णा सर्किट के अंतर्गत स्थल को पर्यटन की नजर से नए रूप में स्थापित करने का फैसला लिया था। श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप लगाने का फैसला 2006 में लिया गया था और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2017 में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। इसे पहले पूर्व दिशा और इसके बाद पूर्व-दक्षिण दिशा में स्थापित करने का फैसला लिया गया।

33 टन की मूर्ति, नौ अवतार दिखाए गए

प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सूतार के नोएडा वर्कशाप में मूर्ति तैयार की गई है। इसमें श्रीकृष्ण, भगवान शिव, गणेश, नरङ्क्षसह, ब्रह्मा, हनुमान, परशुराम व अग्निदेव सहित नौ सिर हैं। इसका वजन करीब 33 टन है। इसके अलावा नौ फीट के पैरों के नीचे कमल व शेषनाग की पूंछ है।

इसी माह के अंत में श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन : केडीबी

केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि ज्योतिसर तीर्थ पर श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप के दर्शन जल्द ही श्रद्धालुओं को होंगे। रविवार से मूर्ति को तटस्थल पर स्थापित करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसी माह के अंत तक मूर्ति को स्थापित कर दिया जाएगा। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस मूर्ति का फाउंडेशन 12 फीट है, जबकि मूर्ति 40 फीट की है। कुल ऊंचाई 52 फीट होगी, जो ज्योतिसर की पास सड़क से गुजर रहे पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी।

Edited By: Anurag Shukla