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    हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के साथ वाहनों पर ये स्टीकर लगाना अनिवार्य, जानिए क्‍या है नियम

    By Anurag ShuklaEdited By:
    Updated: Sat, 09 Jan 2021 05:21 PM (IST)

    हाई सिक्‍योरिटी नंबर प्‍लेट के साथ वाहनों पर स्‍टीकर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह स्‍टीकर थर्ड रजिस्‍ट्रेशन प्‍लेट स्‍टीकर है। ये स्‍टीकर यातयात ...और पढ़ें

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    वाहनों की नंबर प्लेट के साथ वाहनों पर थर्ड रजिस्ट्रेशन प्लेट स्टीकर लगाना अनिवार्य।

    पानीपत/करनाल, जेएनएन। यातायात नियमों के अनुसार वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के साथ वाहनों पर थर्ड रजिस्ट्रेशन प्लेट स्टीकर लगाना अनिवार्य किया गया है। वाहन चालकों की सुविधा के लिए सेक्टर-12 स्थित सीडब्ल्यूसी केंद्र में अलग से विंडो पर सुविधा दी गई है।

    अगर किसी वाहन चालक को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन करना है तो इस विंडाे पर वाहन की आरसी के साथ लेकर जाना होगा और लगभग 400 रुपये अदा करने होंगे। एक साल पुराने वाहन चालकों को संबंधित खरीद एजेंसी से संपर्क करना होगा जबकि अन्यों को एचएसआइपीएचआरडॉटकॉम साइट पर स्टीकर के लिए आवेदन कर सकते हैं। दूसरी तरफ प्रशासन की सख्ती के बाद लोग हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर सजग हो गए हैं। आरटीए कार्यालय में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सहित स्टीकर लगवाने के लिए रोजाना लोगों की भीड़ उमड़ रही है।

    आवेदन के पांच दिन बाद नंबर प्लेट

    आरटीए कम एडीसी वीना हुड्डा ने बताया कि सभी वाहन चालकों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के साथ पैट्रोल, डीजल व बैटरी चलित वाहनों के लिए अलग-अलग स्टीकर अनिवार्य है। आरटीए कार्यालय में वाहनों की नंबर प्लेट के लिए काउंटर स्थापित किया है। जहां लोगों को आवेदन पर्ची दिखाने पर ही नंबर प्लेट दी जाती है। वहीं कमर्शियल वाहनों की नंबर प्लेट बनाने के लिए भी इसी खिड़की पर ही पर्ची कटती है। जागरूक वाहन चालक इसे गंभीरता से ले रहे हैं, जबकि कुछ वाहन चालक अभी गंभीर नहीं हैं। इस संबंध में विभाग के कर्मचारियों द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

    आरटीए कार्यालय में काफी समय से पड़ी नंबर प्लेट

    आरटीए कार्यालय में वर्ष-2013 से नंबर प्लेटें धूल फांक रही हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद वाहन चालक अपनी नंबर प्लेटों को लेने में गंभीर नहीं हैं। कर्मचारियों की मानें तो उच्चाधिकारियों द्वारा संबंधित वाहनों चालकों पर कार्रवाई का फैसला लेना है। यहां तकरीबन तीन हजार से अधिक नंबर प्लेटे जंग खा रही हैं। विभाग के अधिकारियों की धीमी कार्यप्रणाली के कारण इ