Women's Day Special: लोकसभा टिकट की दौड़ में पीछे नहीं हरियाणा की ये महिला नेत्रियां, दिग्गजों को दे रहीं तगड़ी चुनौती
Womens Day Special हरियाणा की महिला नेत्रियां किसी से पीछे नहीं है। लोकसभा टिकट की दौड़ में भी कई बड़े दिग्गजों केा चुनौती दे रही हैं। हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटों पर पुरुष ही नहीं महिलाएं भी कंधे से कंधे मिलाकर खड़ी हैं। एक दर्जन से अधिक महिला नेत्री टिकट की दौड़ में हैं जिनकी अपने संसदीय क्षेत्र में मजबूत दावेदारी है।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Women's Day Special: लोकसभा के चुनावी रण (Lok Sabha Election) में किस्मत आजमाने के लिए भाजपा-कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के दावेदारों में होड़ लगी है। हरियाणा की सभी 10 लोकसभा सीटों पर जहां पुरुष टिकटार्थियों की लंबी-चौड़ी फेहरिस्त है तो वहीं उन्हें महिलाओं से भी तगड़ी चुनौती मिल रही है। एक दर्जन से अधिक महिला नेत्री टिकट की दौड़ में हैं, जिनकी अपने संसदीय क्षेत्र में मजबूत दावेदारी है।
भाजपा दावेदारों में शामिल डॉ. सुधा यादव
भाजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य डॉ. सुधा यादव गुरुग्राम और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से भाजपा के टिकट की प्रबल दावेदार हैं। वर्ष 1999 में महेंद्रगढ़ से अहीरवाल के दिग्गज नेता और कांग्रेस प्रत्याशी राव इंद्रजीत सिंह (वर्तमान में मोदी सरकार में राज्यमंत्री) को हराने वाली सुधा यादव को दोनों सीटों में कही पर भी चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है।
श्रुति चौधरी कांग्रेस टिकट पर दावेदार
पिछले चुनाव में चौधरी धर्मबीर सिंह से शिकस्त झेल चुकी कांग्रेस की श्रुति चौधरी फिर से भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर कांग्रेस टिकट की प्रबल दावेदार हैं। स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसी लाल की पौत्री और पूर्व मंत्री और विधायक किरण चौधरी की पुत्री श्रुति चौधरी वर्ष 2009 में इनेलो के डा. अजय सिंह चौटाला (अब जजपा संरक्षक) को हराकर संसद पहुंचीं थी।
अंबाला से देवी कटारिया आगे
अंबाला (सुरक्षित) से भाजपा के टिकट की दौड़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रतन लाल कटारिया की पत्नी बंतो देवी कटारिया सबसे आगे हैं। यहां से कांग्रेस भी पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा पर दांव खेल सकती हैं, जो दो बार अंबाला और दो बार सिरसा से सांसद रह चुकी हैं। हालांकि कुमारी सैलजा को कांग्रेस सिरसा (सुरक्षित) से भी चुनावी रण में उतार सकती है, जहां से भाजपा की सुनीता दुग्गल सांसद है।
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भाजपा फिर से यहां से सुनीता दुग्गल को टिकट दे सकती है। पिछले चुनाव में हरियाणा में कुल 11 महिलाएं चुनाव लड़ी थी, लेकिन इनमें से सुनीता दुग्गल ही संसद पहुंची। तब उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष डा. अशोक तंवर (अब भाजपा में) को तीन लाख से अधिक मतों से हराया था।
फरीदाबाद संसदीय क्षेत्र में पूर्व मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर कांग्रेस के टिकट की मजबूत दावेदार हैं। सोनीपत में पूर्व मंत्री कविता जैन और कृष्णा गहलावत भाजपा से टिकट की होड़ में हैं।
श्वेता मिर्धा हुड्डा पर निगाहें
रोहतक में राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पुत्रवधू श्वेता मिर्धा हुड्डा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं।
श्वेता अभी तक भले ही राजनीति से दूर रही हैं, लेकिन उनका सियासत से पुराना नाता है। उनकी बहन ज्योति मिर्धा भी राजस्थान की नागौर सीट से सांसद रह चुकी हैं। राजस्थान के दिग्गज जाट नेता और पांच बार सांसद रहे नाथूराम मिर्धा की पौत्री श्वेता को रोहतक से कांग्रेस टिकट की सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
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कैलाशो सैनी को मिल सकता हैट्रिक का मौका
दो बार सांसद रह चुकी कैलाशो सैनी को भाजपा कुरुक्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है। अगर उन्हें टिकट मिलता है तो संसद सदस्य के रूप में हैट्रिक लगाने की उनकी पुरजोर कोशिश होगी। करनाल संसदीय क्षेत्र से निर्मला बैरागी और गुड़गांव संसदीय क्षेत्र से गार्गी कक्कड़ भाजपा के टिकट की दावेदार हैं।
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