प्री-मेंस क्लियर, दो बार इंटरव्यू से बाहर; तीसरी बार में हरियाणा लोक सेवा में किया टॉप; कौन हैं HPSC टॉपर अभिषेक सरोहा?
सोनपीत के अभिषेक सरोहा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की परीक्षा में 675 में से 394.50 अंक प्राप्त कर ...और पढ़ें
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चाचा तिजेंद्र सरोहा के साथ अभिषेक सरोहा। फोटो जागरण
HighLights
अभिषेक सरोहा ने एचपीएससी परीक्षा में प्रदेशभर में टॉप किया।
दो बार की असफलता के बाद तीसरे प्रयास में मिली कामयाबी।
घर पर तीन साल की तैयारी से हासिल किया पहला स्थान।
जागरण संवाददाता, गोहाना/पंचकूला। सोनपीत के रहने वाले अभिषेक सरोहा ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए टॉप किया है। अभिषेक ने 675 में से 394.50 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। एचपीएससी ने गुरुवार को इंटरव्यू का दौर पूरा होने के बाद अभ्यर्थियों के विस्तृत अंक जारी किए। परिणाम जारी होते ही लिस्ट में अभिषेक का पहला स्थान देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
अभिषेक के लिए यह सफलता आसान नहीं रही। उन्होंने इससे पहले दो बार एचपीएससी की परीक्षा दी थी। दोनों बार प्री और मेंस परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो सका। शुरुआती प्रयासों में वह दिल्ली के करोल बाग में रहकर कोचिंग लेते थे लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। चाचा तिजेंद्र सरोहा ने बताया कि दो बार में इंटरव्यू तक पहुंचने और सफलता ने मिलने पर भतीजा अभिषेक निराश होकर घर लौट आया था।
परिवार में दौड़ी खुशी की लहर
पिता जगबीर सरोहा समेत पूरे परिवार ने उनका हौसला बढ़ाया और इसके बाद करीब तीन साल तक घर पर रहकर तैयारी की। तैयारी के दौरान किसी विषय में संदेह होने पर वह बीच-बीच में दिल्ली जाकर अपनी शंकाएं दूर करते रहे। इस बार उन्होंने पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी और हरियाणा में पहला स्थान हासिल किया।
कौन हैं अभिषेक सरोहा
अभिषेक सरोहा सोनीपत के गोहाना शहर के सेक्टर सात के रहने वाले हैं। उनके पिता जगबीर सिंह सरोहा गोहाना के महमूदपुर रोड स्थित आरके हिंदू स्कूल के एमडी हैं। परिवार ही स्कूल का संचालन करता है। इंटरव्यू के बाद परिणाम आते ही लिस्ट में पहले स्थान में अभिषेक का नाम देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। अभिषेक शुक्रवार को दिल्ली से गोहाना लौटेंगे। अभिषेक बचपन में ही पानीपत में अपनी बुआ के पास चले गए थे।
वहीं रहकर उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली से बीटेक किया। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी और तीसरे प्रयास में एचपीएससी परीक्षा में प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया।
