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    डेरा सच्‍चा सौदा के राज: देहदान के नाम पर लेते थे एफिडेविट, फिर कर देते थे हत्या

    By Sunil Kumar JhaEdited By:
    Updated: Mon, 11 Sep 2017 08:36 PM (IST)

    गुरमीत राम रहीम के जेल जाने के बाद से एक के बाद एक डेरा सच्‍चा सौदा के राज बाहर आ रहे हैं। अब खुलासा हुआ है कि डेरा में देहदान का एफिडेविट लेकर लोगोंं ...और पढ़ें

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    डेरा सच्‍चा सौदा के राज: देहदान के नाम पर लेते थे एफिडेविट, फिर कर देते थे हत्या

    जेएनएन, चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा अवैध कार्यों धड़ल्‍ले से होते हैं। गुरमीत राम रहीम के जेल जाने के बाद डेरा के राज लगातार उजागर हाे रहे हैं। राम रहीम का गार्ड रह चुके बंअंत सिंह ने डेरा और गुरमीत के बारे में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। बेअंत के अनुसार, डेेरे में अनुया‍यियों से देहदान का शपथ पत्र (एफिडेविट) ले लिया जाता था और व्‍यक्ति की हत्‍या कर दी जाती थी। उसने यह भी बताया कि डेरे में अवैध हथियार भी तैयार किए जाते थे।

    बेअंत सिंह उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें 2009 में डेरा में नुपंसक बनाया गया था। फिलहाल वह लंदन में है। बेअंत के अनुसार डेरे में कई आरा मशीनें हैं। एक मशीन के बगल में ही खराद मशीन लगी हुई है। इसका इस्तेमाल पिस्टल और गन बनाने में होता था। उसने इस काम को करने वाले तीन लोगों के नाम भी बताए हैं।

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    उसने बताया कि देहदान के नाम पर लोगों से हलफिया बयान और एफिडेविट लेकर उन्हें मार दिया जाता था। हलफनामा बैंक में रखा जाता था। वह पहले भी डेरे के बेरी के बाग में नरकंकाल होने का दावा कर चुका है। बेअंत ने आरोप लगाया कि एम्स, दिल्ली व पीजीआइ, चंडीगढ़ के डॉक्टर डेरे में जाम-ए-इंसा पीने आते थे। इसे पीकर हर कोई बदहवास हो जाता था। इसमें बाबा अपनी सबसे छोटी अंगुली का खून मिलाता था।

    उसने बताया कि डेरे के खास लोगों के नाम से हजारों फर्जी खाते खोले गए हैं। उनसे कोरे चेक पर साइन कराए थे। इन लोगों को पता भी नहीं होता कि उनके खाते में कितनी रकम है और कितनी कब निकाली या जमा कराई गई है।

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    डेरा प्रमुख को धन-धन सतगुरू कहकर चिढ़ा रहे कई कैदी

    रोहतक की सुनारियां जेल में बंद डेरा प्रमुख गुरमीत को लेकर एक कैदी ने ऑडियो के जरिये उसकी दिनचर्या को लेकर कई बातें बताई हैैं। लूटपाट समेत तीन केस में जेल गए इस कैदी का नंबर 1973 है। उसने कहा कि डेरा प्रमुख से अन्य कैदी तरह-तरह के सवाल करते हैैं। लिहाजा अब वह अपने सेल से अधिक बाहर नहीं निकलता।

    डेरा प्रमुख सुबह के समय डेढ़ से दो घंटे तक पौधों को पानी देता है। उसने अपने पास एक डायरी रखी हुई है, जिसमें वह कुछ-कुछ लिखता रहता है। इस कैदी ने इस बात से इन्‍कार किया कि हनीप्रीत को लेकर बाबा चिल्लाता है। कैदी के अनुसार जेल से बाहर आने वाले दूसरे कैदी गलत बयानबाजी कर रहे हैैं। कैदी उससे यह जरूर पूछते हैैं कि बाबा तुम यहां कैसे, इस पर डेरा प्रमुख जवाब देता है कि सब काल की माया है।

    डेरा प्रमुख के सेल के आगे से आते-जाते अन्य कैदी धन-धन सतगुरू की आवाज बोलते हैैं। कुछ उसके समर्थक हैैं तो कुछ ऐसा बोलकर चिढ़ाते हैैं। उसे सेल के भीतर ही खाना दिया जाता है। हाजिरी भी उसकी वहीं लगती है। कैदी के अनुसार, डेरा प्रमुख सामान्य सफेद कपड़े पहनता है और रात को कंबल ओढ़कर बैठ जाता है।