हरियाणा: केंद्रीय और नायब मंत्रियों के बीच खींचतान, 10 माह से अटका डिप्टी और सीनियर मेयर का चुनाव
गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगमों में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव 10 माह से लंबित हैं। केंद्रीय मंत्रियों राव इंद्रजीत व कृष्णपाल गुर्जर ...और पढ़ें
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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फाइल फोटो
सत्येंद्र सिंह, नई दिल्ली/पंचकूला। हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगमों में करीब 10 माह से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव नहीं हो पाए हैं। दोनों नगर निगमों में भाजपा पार्षदों का बहुमत है, लेकिन केंद्रीय राज्य मंत्रियों राव इंद्रजीत व कृष्णपाल गुर्जर तथा राज्य सरकार के मंत्रियों राव नरबीर व विपुल गोय और राजेश नागर के बीच उम्मीदवारों पर सहमति नहीं बनने की वजह से चुनाव अटका हुआ है।
अपनी पार्टी के भाजपा नेताओं के बीच उम्मीदवार के नाम पर सर्वसम्मित बनाने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली जल्दी ही कोई बीच का रास्ता निकालने की तैयारी में हैं।
संभावना है कि अगले कुछ दिनों में भाजपा के राज्य स्तरीय नेताओं की बैठक होगी, जिनमें फरीदाबाद व गुरुग्राम में होने वाले सीनियर डिप्टी मेयर व मेयर के चुनाव के लिए सर्वसम्मत उम्मीदवारों का नाम तय कर दिया जाएगा।
गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगमों में 10 माह से सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव नहीं हो पाने की बड़ी वजह केंद्रीय मंत्रियों तथा प्रदेश सरकार के मंत्रियों के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई है। केंद्रीय मंत्री चाहते हैं कि दोनों पदों पर उनके चहेते पार्षद बैठें, जबकि प्रदेश सरकार के मंत्री अपने खेमे के पार्षदों को सीनियर मेयर व डिप्टी मेयर बनाने की जिद पर अड़े हुए हैं।
केंद्रीय व राज्य सरकार के मंत्रियों की बीच राजनीति का यह खेल पर्दे के पीछे से चल रहा है, लेकिन नुकसान शहर के लोगों से लेकर भाजपा को हो रहा है। ऐसे में भाजपा संगठन ने अपनी पार्टी के नेताओं के बीच सुलह कराने के लिए दखल देने का निर्णय लिया है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार इस कार्य के लिए 15 जनवरी तक बैठक बुलाए जाने की संभावना है। गुरुग्राम की राजनीति की बात करें तो केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह तथा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता लंबे समय से चली आ रही है।
दोनों एक दूसरे काे पीछे करने में लगे रहते हैं। मानेसर नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में राव नरबीर बाजी मार ले गए और दोनों ही पदों पर उन्होंने अपने समर्थकों को बैठा दिया, जिसके बाद गुरुग्राम में भाजपा पार्षद दो खेमे में बंटे हुए हैं।
भाजपा का पूर्ण बहुमत होने के बाद भी गुरुग्राम नगर निगम में दोनों पद रिक्त पड़े हैं। चयन के लिए दो बार तिथि भी तय की गई पर पार्षदों के नहीं आने से चुनाव रद करना पड़ा।
इंद्रजीत के खेमे के पार्षद नहीं चाहते कि दोनों पदों पर राव नरबीर के चहेते पार्षद बैठें। इंद्र और नर के बीच पर्दे के पीछे से सियासी खेल चल रहा है। हालांकि दोनों ही कह चुके हैं कि चयन तो पार्षदों को करना है, उनकी ओर से हस्तक्षेप नहीं है, लेकिन यह सच्चाई नहीं है।
ऐसी ही स्थिति फरीदाबाद नगर निगम की है। वहां भी पार्षद दो खेमों में बंटे हैं और सभी भाजपा के हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के खेमे के पार्षद अपनों की ताजपोशी करना चाहते हैं। दूसरे खेमे के पार्षदों को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और राज्य मंत्री राजेश नागर का समर्थन प्राप्त है।
वह अपने खेमे के पार्षदों को सीनियर तथा डिप्टी मेयर बनाने की इच्छा कई बार जता चुके हैं। गुर्जर और गोयल के बीच कुछ ठीक नहीं है, यह चर्चा अक्सर होती है। पिछले दिनों फरीदाबाद में एक लाइब्रेरी के उद्घाटन को लेकर गुर्जर और विपुल के बीच मतभेद उजागर हो चुके हैं। दोनों ने अलग-अलग समय में एक ही लाइब्रेरी का उद्घाटन कर दिया था।
दोनों नगर निगमों में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव अभी तक नहीं होने को कांग्रेसी नेता तूल दे रहे हैं। उनका आरोप है कि गुटबाजी तो भाजपा में ही सबसे अधिक है जिसके चलते निगमों का सदन ठीक से चल नहीं पा रहा है।
वित्तीय कमेटी तथा अन्य संविदा कमेटी नहीं बनने से शहरों के विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कांग्रेस इस मामले को लेकर अन्य शहरों में होने वाले निगम चुनाव में भाजपा को घेरने की तैयारी में है। इससे पहले ही भाजपा दोनों निगम में खाली पड़ी कुर्सी को भरने के लिए प्लान बनाने में लग गई है।

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