IPS पूरन कुमार सुसाइड केस में छुट्टी पर गए पूर्व DGP शत्रुजीत कपूर को मिली नई पोस्टिंग, नरेंद्र बने करनाल के SP
आईपीएस वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले के बाद हटाए गए पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर को हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वही ...और पढ़ें

पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी नरेंद्र बिजरानिया (File Photo)
राज्य ब्यूरो, पंचकूला। हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद पुलिस महानिदेशक के पद से हटाए गए शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी के पद से हटाए गए नरेंद्र बिजरानिया मुख्यधारा में लौट आए हैं। पौने तीन माह के लंबे इंतजार के बाद नरेंद्र बिजरानिया की करनाल एसपी के रूप में प्राइम पोस्टिंग पर वापसी हुई है।
पुलिस महानिदेशक के पद के लिए केंद्रीय लोक सेवा आयोग ने जिन तीन आइपीएस अधिकारियों के नामों के पैनल को मंजूरी प्रदान की थी, उसमें शत्रुजीत कपूर का नाम सबसे ऊपर था। शत्रुजीत कपूर पुलिस महानिदेशक के रूप में अपना दो साल का कार्यकाल पिछले साल अगस्त में पूरा कर चुके थे। इसलिए सरकार ने पैनल में दूसरे नंबर पर शामिल अजय सिंघल को राज्य का पुलिस महानिदेशक बनाना ज्यादा उचित समझा।
लंबे अवकाश पर भेजे गए थे शत्रुजीत कपूर
सरकार ने भले ही पुलिस महानिदेशक के पद पर शत्रुजीत कपूर को नियुक्ति प्रदान नहीं की है, लेकिन उन्हें हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन की अहम जिम्मेदारी दी गई है। वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद दलित समाज के आक्रोश को देखते हुए कपूर को लंबे अवकाश पर जाने के लिए तैयार किया गया था।
दो माह का अवकाश पूरा करने के बाद कपूर 14 दिसंबर को वापस ड्यूटी पर लौट आए थे। कपूर डीजीपी बनने से पहले एंटी करप्शन ब्यूरो में सेवाएं देकर भ्रष्ट अधिकारियों की नाक में दम कर चुके हैं। शत्रुजीत कपूर की तरह नरेंद्र बिजरानिया का नाम भी वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट में था।
परिजनों ने लगाए थे आरोप
वाई पूरन कुमार के परिजन और दलित समाज के लोग बिजरानिया को भी एसपी के पद से हटाने की मांग कर रहे थे। वाई पूरन कुमार के आत्महत्या प्रकरण में राज्य के 15 मौजूदा व रिटायर्ड अधिकारियों के नाम थे, लेकिन गाज सिर्फ कपूर व बिजरानिया पर गिरी थी।
बिजरानिया को 11 अक्टूबर को रोहतक के एसपी पद से हटा दिया गया था। पौने तीन माह बाद उन्हें दोबारा करनाल के एसपी के रूप में नियुक्ति प्रदान कर मुख्यधारा में लौटाया गया है। चंडीगढ़ पुलिस की एसआइटी पूरे प्रकरण की अभी तक जांच पूरी नहीं कर पाई है।
कपूर और बिजरानिया के वेतन पर नहीं पड़ा असर
एसपी लेवल के अधिकारी का वेतनमान 78 हजार 500 रुपये होता है। महंगाई भत्ते सहित अन्य भत्तों को जोड़ दिया जाए तो यह करीब डेढ़ लाख रुपये तक बनता है। प्रतीक्षारत रहने की अवधि के दौरान बिजरानिया के वेतन पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ा, क्योंकि उन्हें सिर्फ हटाया गया था,
उनके विरुद्ध निलंबन अथवा विभागीय कार्रवाई नहीं की गई थी। यही स्थिति कपूर की रही, क्योंकि वह सरकार के कहने पर स्वयं अवकाश पर गये थे, उन्हें जबरन अवकाश पर नहीं भेजा गया थाl

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