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    पंचकूला में बढ़ी बेटियों की संख्या, लिंगानुपात में 971 के साथ टॉप पर पहुंचा जिला; अवैध गर्भपात में आई कमी

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 06:56 PM (IST)

    पंचकूला ने 2025 में 971 के लिंगानुपात के साथ हरियाणा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष 915 था। यह सुधार सख्त कानून प्रवर्तन, अल्ट्रासाउंड ...और पढ़ें

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    पंचकूला में बढ़ी बेटियों की संख्या (प्रतिकात्मक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, पंचकूला। लिंगानुपात सुधार की दिशा में पंचकूला जिले ने हरियाणा में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 2025 में जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth) 971 दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।

    1000 बेटों के मुकाबले 971 बेटियों का जन्म

    सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के आंकड़ों के अनुसार, पंचकूला में 1000 बेटों के मुकाबले 971 बेटियों ने जन्म लिया। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 915 था और उस समय जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर था।

    स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सख्त कानून प्रवर्तन, अल्ट्रासाउंड व एमटीपी केंद्रों पर कड़ी निगरानी और समय पर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण इस सफलता के प्रमुख कारण रहे।

    2025 में 12,118 बच्चों ने लिया जन्म

    वर्ष 2025 के दौरान जिले में कुल 12,118 बच्चों का जन्म हुआ। इनमें 6,148 मेल चाइल्ड और 5,970 फीमेल चाइल्ड शामिल हैं।

    प्रदेश का औसत 923, कई जिले अब भी पीछे

    हरियाणा में वर्ष 2025 के दौरान कुल 5,19,691 जन्म दर्ज किए गए, जिनमें 2,70,281 मेल चाइल्ड और 2,49,410 फीमेल चाइल्ड शामिल हैं। प्रदेश का औसत लिंगानुपात 923 रहा। पंचकूला के बाद दूसरे स्थान पर फतेहाबाद (961) और तीसरे स्थान पर पानीपत (951) रहे, जबकि गुरुग्राम, रेवाड़ी, रोहतक और सोनीपत जैसे बड़े जिले अब भी औसत से नीचे हैं।

    वहीं, करनाल (944), यमुनानगर (943), सिरसा (937) और नूंह (935) ने भी अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। गुरुग्राम (901), रोहतक (898), सोनीपत (894) और रेवाड़ी (882) में स्थिति सबसे कम लिंगानुपात वाली कैटेगरी में रहे।

    150 से ज्यादा गर्भपात रोके गए

    सीएमओ डॉ. मुक्ता ने बताया कि गर्भवती महिलाओं का डेटा शुरुआती तीन महीनों में ही दर्ज करने की रणनीति अपनाई गई है। इसका सीधा असर अवैध और देर से होने वाले गर्भपात पर पड़ा। वर्ष 2024 में 12 सप्ताह से अधिक अवधि के 335 गर्भपात दर्ज किए गए थे।

    जबकि, 2025 में यह संख्या घटकर 151 रह गई। यानी एक साल में 150 से अधिक मामलों पर रोक लगी, जिससे बेटियों के जन्म को बढ़ावा मिला।

    नियम तोड़ने वालों पर FIR

    डॉ. मुक्ता के अनुसार, 12 सप्ताह के बाद गर्भपात से जुड़ी जानकारी छिपाने वाले दो डाक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। विभाग के साथ जानकारी साझा नहीं करने वालों के खिलाफ लगातार सख्ती की जा रही है। साल 2025 में पहले 12 सप्ताह के भीतर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    अल्ट्रासाउंड सेंटर सर्विलांस पर

    पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में भ्रूण लिंग जांच से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों को विशेष सर्विलांस पर रखने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर वे सेंटर निगरानी में रहेंगे, जिनके खिलाफ पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं। छापेमारी में अवैध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद निगरानी और सख्त कर दी गई है।

    सूचना देने पर एक लाख का इनाम

    सीएमओ डॉ. मुक्ता ने स्पष्ट किया कि भ्रूण लिंग जांच या इससे जुड़े किसी भी अवैध कार्य की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये की इनामी राशि दी जाएगी। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

    स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पंचकूला में अपनाई गई रणनीति समय पर पंजीकरण, कड़ी निगरानी, कानूनी कार्रवाई और जनभागीदारी को अगर अन्य जिलों में भी लागू किया जाए, तो प्रदेश स्तर पर लिंगानुपात में बड़ा सुधार संभव है। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इसे ओर बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।