जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नाराज सरपंचों को खुश करने के लिए नया पासा फेंका है। कई दौर की बातचीत के बावजूद बात नहीं बनने पर विकास व पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने सभी संरपचों को एक-एक टैब अथवा आइपेड देने की घोषणा की। साथ ही टाइपिंग के लिए गांव के ही किसी युवक को पंचायतें कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर रख सकेंगी।

ई-पंचायतों का समर्थन कर रहे सरपंचों के साथ अलग बैठक करते हुए ओमप्रकाश धनखड़ ने उनकी बाकी मांगों पर भी विचार करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि हर जिले से एक-एक प्रतिनिधि को शामिल कर कमेटी का गठन किया जाएगा, जो मुख्यमंत्री को अपने सुझाव देगी। शीघ्र ही ग्राम सचिवों की भी ऐसी ही बैठक होगी, जिसमें पंचायत विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी और निदेशक संजय जून भी शामिल रहेंगे।

धनखड़ ने बैठक में कहा कि ई-पंचायत 31 मार्च तक अलॉट हुए और वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों पर लागू नहीं होगी। नए कार्यों के लिए विभाग ने ढांचा तैयार कर लिया है। पंचायतों को अब ग्राम विकास योजना का प्रारूप साल में चार बार भेजने की अनुमति होगी। कैश इन हैंड 25 हजार रुपये सरपंच कभी भी बैंक से निकलवा सकते हैं। सरकार ने जिन पुराने खातों को रद कर दिया था, उन्हें फिर से खोला जाएगा।

धनखड़ ने घोषणा की है कि सरपंच विकास कार्यों के लिए दैनिक मजदूरी देने के लिए भी अधिकृत होंगे। पिछली सरकार ने पंचायतों को मात्र 10 लाख रुपये के विकास कार्य कराने की अनुमति दे रखी थी, लेकिन भाजपा ने इसे 20 लाख रुपये तक बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि गांवों में आवास योजना के लिए वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर बीपीएल सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे में अपात्र लोगों के नाम कटवाने और पात्र लोगों के जोडऩे के लिए भी सरपंच अधिकृत होंगे।

धनखड़ ने बताया कि यमुनानगर जिला प्रदेश का ऐसा पहला जिला है, जिसमें प्रिया साफ्टवेयर के माध्यम से ई-पंचायत अवधारणा पिछले छह माह से लागू है। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कांबोज, लाडवा के विधायक डा. पवन सैनी, पंचकूला के विधायक ज्ञान चंद गुप्ता और असंध के विधायक बख्शीश सिंह विर्क भी शामिल हुए।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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