Good News: हरियाणा में लिंगानुपात में शानदार सुधार, 2019 के बाद पहली बार हुई बढ़ोतरी; 2025 में 923 पहुंचा आंकड़ा
हरियाणा में लिंगानुपात 2025 में बढ़कर 923 हो गया है, जो पिछले पांच सालों में सबसे अधिक है। यह 2024 के 910 से 13 अंकों की वृद्धि है। अधिकारियों ने इस स ...और पढ़ें

हरियाणा में लिंगानुपात में शानदार सुधार (प्रतिकात्मक तस्वीर)
डिजिटल डेस्ट, चंडीगढ़। हरियाणा में लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है, जो 2025 में 923 तक पहुंच गया है। यह 2024 से 13 अंकों की बढ़ोतरी को दर्शाता है। अधिकारियों ने इस सुधार का श्रेय जन्म से पहले लिंग निर्धारण और अवैध गर्भपात की प्रथा को रोकने के लिए उठाए गए कई कदमों को दिया है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि हरियाणा में 2025 में जन्म के समय लिंगानुपात (SRB) 923 दर्ज किया गया, जो पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा है, जबकि 2024 में यह 910 था।
लिंगानुपात में सुधार की वजह?
आंकड़ों से पता चला कि 2025 में राज्य में 5,19,691 जन्म दर्ज किए गए। इनमें 2,70,281 लड़के और 2,49,410 लड़कियां थीं, जबकि 2024 में 5,16,402 जन्म हुए थे, जिसमें 2,46,048 लड़कियां शामिल थीं। अधिकारियों ने SRB में सुधार का श्रेय राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न उपायों को दिया, जिसमें हरियाणा में लिंग-चयनित गर्भपात और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) किट की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई शामिल है।
पिछले पांच सालों का टूटा रिकॉर्ड
आंकड़ों के अनुसार, 2025 में लिंगानुपात पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा था। हरियाणा का लिंगानुपात 2019 में 923 था, जो 2020 में थोड़ा घटकर 922 हो गया और फिर 2021 में और घटकर 914 हो गया। यह 2022 में 917 और 2023 में 916 था। राज्य का लिंगानुपात 2014 में 871 से बढ़कर 2015 में 876 हो गया।
पंचकूला में शानदार लिंगानुपात
2016 में इसमें 24 अंकों की बढ़ोतरी हुई और यह 900 हो गया, जो सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी। SRB 2017 में बढ़कर 914 हो गया, जो दूसरी सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी, और 2018 में यह अपरिवर्तित रहा। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, पंचकूला में राज्य का सबसे ज्यादा SRB 1,000 पुरुषों पर 971 महिलाओं का दर्ज किया गया, जो 2024 में रिपोर्ट किए गए 915 से 56 अंकों की बढ़ोतरी है।
अन्य जिलों में कैसा रहा SRB?
जिन जिलों में SRB 950 से ज्यादा था, उनमें फतेहाबाद (961) और पानीपत (951) शामिल थे। जिन जिलों में SRB राज्य के औसत से ज्यादा था, उनमें अंबाला (926), भिवानी (926), हिसार (926), कैथल (924), करनाल (944), कुरुक्षेत्र (927), मेवात (935), सिरसा (937) और यमुनानगर (943) शामिल थे।
गुरुग्राम में सिर्फ 2 अंक की बढ़ोतरी
हालांकि, गुरुग्राम में SRB में सिर्फ दो अंकों की बढ़ोतरी होकर 901 हो गया, जबकि सोनीपत में यह सात अंकों की गिरावट के साथ 894 हो गया, और जींद में एक अंक की गिरावट के साथ 918 हो गया। चरखी दादरी, फरीदाबाद, कैथल और पानीपत में भी 2025 में लिंगानुपात में सुधार देखा गया।
'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान की तारीफ
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को कहा कि जब 2014 में बीजेपी ने सरकार बनाई थी, तब हरियाणा का लिंगानुपात 871 था, जो उस समय देश में सबसे कम में से एक था। सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में पानीपत से राष्ट्रव्यापी 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान शुरू करने के बाद, राज्य सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए।
MTP किट की अवैध बिक्री पर रोक बनी वजह
अधिकारियों के अनुसार, 2024 में SRB में गिरावट के बाद, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुधीर राजपाल के तहत एक टास्क फोर्स का गठन किया गया, जिसने स्वास्थ्य, आयुष, महिला एवं बाल विकास और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन विभागों के अधिकारियों के साथ हर हफ्ते समीक्षा बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि लिंग-चयनित गर्भपात और MTP किट की बिक्री से संबंधित मामलों में कार्रवाई की गई।
हरियाणा में 395 MTP सेंटर बंद कराए गए
अधिकारियों ने बताया कि MTP अधिनियम के तहत कुल 114 FIR दर्ज की गईं, जिनमें से 83 मामलों में अदालतों में चार्जशीट दायर की गईं। उन्होंने बताया कि 2025 में प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PC-PNDT) एक्ट के उल्लंघन के लिए 154 छापे मारे गए, 41 केमिस्ट की दुकानें सील की गईं, जबकि उल्लंघन के लिए 395 MTP सेंटर बंद कर दिए गए।
अवैध गर्भपात को रोकने के लिए उठाए गए कदम
हरियाणा में 'बेटी बचाओ' कार्यक्रम से जुड़े जी एल सिंघल ने कहा कि अवैध गर्भपात को रोकने के लिए उठाए गए बड़े कदमों में से एक था गर्भपात की रिवर्स ट्रैकिंग –यानी ऐसी 12 हफ्ते की गर्भवती महिला जिसका पहले से एक लड़की हो। सिंघल ने कहा, "2025 में ऐसे कदमों से हमें बहुत अच्छे नतीजे मिले, क्योंकि SRB 13 पॉइंट बढ़ गया।"
(समाचार एजेंसी PTI के अनुसार)

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