हरियाणा की लाडो लक्ष्मी योजना पर भाजपा कांग्रेस में तीखी बहस, विपक्ष ने योजना को बताया महिलाओं का अपमान
हरियाणा में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में बदलावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। यह योजना गरीब महिलाओं को ₹2100 मासिक देती है। सरकार ने ₹ ...और पढ़ें

सीएम नायब सिंह सैनी (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, पंचकूला। गरीब महिलाओं के लिए संचालित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में सरकार द्वारा किए गए बदलावों पर विपक्ष और भाजपा आमने-सामने हो गए हैं। प्रदेश सरकार एक लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 2100 रुपये मासिक प्रदान करती है।
नये बदलाव में सरकार ने उन महिलाओं को भी शामिल किया है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1.80 रुपये तक है, लेकिन उनके बच्चे मेधावी हैं और कुपोषण के दायरे से बाहर निकाले जा चुके हैं। कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना के तहत बच्चों के 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की शर्त लगाकर महिलाओं के साथ धोखा किया है।
'80 फीसदी अंकों की आवश्यकता नहीं'
भाजपा ने यह कहते हुए कांग्रेस के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 80 प्रतिशत अंकों की शर्त अनिवार्य नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा व पोषण के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए एक अतिरिक्त श्रेणी है।
कांग्रेस महासचिव एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को भाजपा सरकार ने शर्तों और अंकों की बेडि़यों में जकड़ दिया है। सरकार अपने ही संकल्प से मुकर गई है। जिन महिलाओं को बिना भेदभाव आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए था, आज उनसे उनके बच्चों के नंबर पूछे जा रहे हैं।
'महिलाओं को अपमानित करने की नीति'
क्या अब मां की योग्यता रिपोर्ट कार्ड से तय होगी। सैलजा ने कहा कि 2100 रुपये की मामूली सहायता के लिए 80 प्रतिशत अंकों की शर्त लगाना गरीब, मजदूर और ग्रामीण महिलाओं के साथ सीधा अन्याय है। यह नीति महिला सशक्तीकरण नहीं, बल्कि महिलाओं को अपमानित करने वाली सोच को दर्शाती है।
सरकार यह भूल गई है कि हर मां के हालात समान नहीं होते। संसाधनों की कमी, सरकारी स्कूलों की स्थिति और सामाजिक परिस्थितियों में पढ़ने वाले बच्चों से ऐसे परिणाम की अपेक्षा करना अमानवीय है। हरियाणा भाजपा के इटंरनेट मीडिया प्रमुख अरुण यादव ने कुमारी सैलजा के आरोपों को तथ्यों के साथ खारिज किया है।
अरुण यादव ने कहा कि कुमारी सैलजा कांग्रेस की बड़ी नेता हैं, लेकिन उन्हें दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के विस्तार के बारे में ठीक से समझना होगा। अब तक जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें यह लाभ पूर्व की तरह मिलते रहेंगे।

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