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    समाधान शिविरों में शिकायतों को नहीं लटका पाएंगे अधिकारी, लोगों की परेशानी पर होगी एक्शन, CM सैनी ने दिए सख्त आदेश

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 06:34 PM (IST)

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाधान शिविरों में शिकायतों के निपटारे में देरी पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतो ...और पढ़ें

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    सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि समाधान शिविरों में प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। समाधान शिविरों में शिकायतों को अब अधिकारी लटका नहीं सकेंगे। शिकायतों के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने उपायुक्तों की जिम्मेदारी तय की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि समाधान शिविरों में प्राप्त होने वाली शिकायतों को अपनी स्पष्ट टिप्पणी के साथ आगे भेजें। जब तक किसी शिकायत का पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक उसे जिला स्तर पर पेंडिंग रखा जाए।

    सीएम ने शुक्रवार को समाधान शिविर की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक ली, जिसमें उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि शिविरों की जानकारी विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए, जिसमें लोगों को शिविरों के आयोजन का दिन और समय की पूरी जानकारी मिल सके। इससे वे अपनी समस्याओं का समाधान करवा सकेंगे।

    बैठक में बताया गया कि जुलाई से दिसंबर तक कुल 17 हजार 699 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। सभी जिला उपायुक्त और उप-मंडल अधिकारी (नागरिक) कार्यालयों में प्रत्येक सप्ताह सोमवार और वीरवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक अपनी समस्याओं से संबंधित शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविरों में प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिविर में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। यदि समाधान शिविरों में किसी भी स्तर पर अधिकारियों द्वारा लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने अंबाला के एक गांव में पानी की निकासी से संबंधित समाधान शिविर में प्राप्त शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त को इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में संबंधित विभाग के एक्सईएन, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) तथा मार्केट कमेटी का एक कर्मचारी शामिल किया जाए।