हरियाणा में कांग्रेस की पहली चुनावी अग्निपरीक्षा, नगर निगम चुनावों और मनरेगा आंदोलन पर बनेगी रणनीति
हरियाणा में कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद जनवरी-फरवरी में सोनीपत, अंबाला और पंचकूला नगर निगमों के चुनाव पार्टी की प ...और पढ़ें

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद जनवरी-फरवरी में होने जा रहे पहले चुनाव (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पार्टी की पहली चुनावी परीक्षा होने वाली है। कांग्रेस हाईकमान ने राज्य के कांग्रेस नेताओं को जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित तीन नगर निगमों के चुनाव पूरी गंभीरता के साथ लड़ने के निर्देश दिए हैं।
सोनीपत, अंबाला और पंचकूला नगर निगमों के मेयर का कार्यकाल जनवरी में पूरा हो रहा है। वार्डबंदी का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्दी ही मेयर के लिए आरक्षण का ड्रा होने वाला है। कांग्रेस चाहती है कि तीनों नगर निगमों के चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहे, ताकि विधानसभा चुनाव के बाद से कार्यकर्ताओं में चल रही निराशा को दूर करने में मदद मिल सके।
हरियाणा कांग्रेस की ओर से तीनों नगर निगमों के चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए पांच जनवरी सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक बुलाई गई है। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के अलावा विपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी इस बैठक में शामिल होंगे।
हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र ने इस बैठक में शामिल होने के लिए कांग्रेस महासचिव एवं सांसद कुमारी सैलजा, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला, अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के सह प्रभारी जितेंद्र बघेल को भी आमंत्रित किया है। बैठक में शामिल होने के लिए सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों, लोकसभा व विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों, जिलाध्यक्षों तथा कांग्रेस के विभिन्न मोर्चों व प्रकोष्ठों के अध्यक्षों को बुलाया गया है।
बैठक में सैलजा व रणदीप शामिल होंगे अथवा नहीं, यह तो पांच जनवरी को पता चलेगा, लेकिन पार्टी इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण मानकर चल रही है। बैठक में वीबी-ग्राम-जी विधेयक के विरोध के रणनीति भी तैयार की जाएगी। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि गरीब मजदूरों के काम के अधिकार की रक्षा के लिए मनरेगा बचाओ आंदोलन चलाने की जरूरत है।
पूरे देश में 10 जनवरी से 25 फरवरी तक यह आंदोलन चलेगा। हरियाणा में इस आंदोलन का प्रारूप क्या होगा, इस बारे में बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी और आंदोलन के प्रभावी संचालन के लिए जिलावार जिम्मेदारी तय होगी। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अनिल यादव पाल्हावास के अनुसार 2005 में यूपीए की सरकार में मनरेगा योजना चालू हुई थी।
यह गरीब मजदूरों के काम के लिए अधिकार आधारित कानून है, जिसके अंतर्गत राज्य सरकारों को 15 दिन के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना होता है। ऐसा नहीं कर पाने की स्थिति में सरकार को बेरोजगारी भत्ता देना पड़ेगा। यही वैधानिक गारंटी मनरेगा की मूल और परिभाषित विशेषता है, जिसे खत्म करने की साजिश रची गई है।
हरियाणा युवक कांग्रेस के अध्यक्ष निशित कटारिया ने बताया कि पूरे राज्य में मनरेगा को खत्म करने के विरुद्ध आंदोलन की रणनीति प्रभारी, अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के नेतृत्व में तय की जाएगी। कांग्रेस किसी भी सूरत में मनरेगा को खत्म कर वीबी-ग्राम-जी को लागू नहीं होने देगी।
हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र के अनुसार वीबी-ग्राम-जी योजना लागू कर केंद्र की भाजपा सरकार गरीबों को रोजगार की गारंटी खत्म कर देना चाह रही है, जो कांग्रेस को स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीनों नगर निगमों के चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि मेयर के चुनाव कांग्रेस पार्टी पूरी गंभीरता के साथ लड़ने जा रही है।

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