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    IPS पूरन कुमार सुसाइड केस में DSP और SHO समेत शराब ठेकेदार से पूछताछ, जानें SIT ने 10 घंटे में किन सवालों के जवाब पूछे

    By Sohan Lal Edited By: Sohan Lal
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 12:31 PM (IST)

    चंडीगढ़ एसआईटी ने एडीजीपी वाई. पूरन कुमार आत्महत्या मामले में डीएसपी गुलाब सिंह, एसएचओ नीरज कुमार और शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल से 10 घंटे पूछताछ की। यह ...और पढ़ें

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    आईपीएस पूरन कुमार सुसाइड केस में चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी कर रही जांच।

     

    मनोज बिष्ट, चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं एडीजीपी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में एसआईटी ने डीएसपी गुलाब सिंह, सेक्टर-19 थाना के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज कुमार और शिकायतकर्ता शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल से करीब 10 घंटे तक गहन पूछताछ की। यह पूछताछ चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में दोपहर दो बजे से रात 12 बजे तक चली।

    एसआईटी सूत्रों के अनुसार, पूछताछ आत्महत्या से पहले दर्ज एफआईआर, कथित साजिश, रिश्वत मांगने के आरोप और शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए साक्ष्यों को लेकर की गई। टीम ने तीनों से सामूहिक और अलग-अलग दोनों तरीकों से सवाल किए।

    क्या है पूरा मामला

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 6 अक्तूबर 2025 को सेक्टर-19 थाना (अबन एस्टेट) में पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ रिश्वत मांगने की एफआईआर दर्ज की गई थी। अगले ही दिन 7 अक्तूबर को सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसी दिन चंडीगढ़ में एडीजीपी पूरन कुमार ने आत्महत्या कर ली थी।

    आत्महत्या से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट और उनकी पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साजिश के तहत सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। साथ ही एडीजीपी पूर्ण कुमार पर भी सुनियोजित दबाव बनाया गया।

    शराब ठेकेदार के गंभीर आरोप

    शिकायतकर्ता प्रवीण बंसल (सेक्टर-2 निवासी) ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसे बदमाशों से बचाने के नाम पर धमकियां मिल रही थीं। आरोप है कि सुरक्षा देने के बदले ढाई लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। बंसल ने जांच टीम को ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज भी सौंपे हैं।

    एसआईटी के सवाल, अफसरों के जवाब

    • एसआईटी: क्या एडीजीपी पर दबाव बनाने के लिए साजिश के तहत एफआईआर दर्ज की गई?
    • पुलिस अफसर: शराब ठेकेदार की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई हुई। साजिश का आरोप निराधार है।
    • एसआईटी: एफआईआर दर्ज करते समय किन तथ्यों को आधार बनाया गया?
    • पुलिस अफसर: शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए ऑडियो, वीडियो और दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई की गई।
    • एसआईटी: क्या एडीजीपी वाई. पूर्ण कुमार की भूमिका सामने आई?
    • पुलिस अफसर: जांच अभी जारी है। फिलहाल चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।
    • एसआईटी: गनमैन के खिलाफ शिकायत किस आधार पर दी गई?
    • शराब ठेकेदार: आरोप है कि कार्यालय आकर ढाई लाख रुपये की मांग की गई। इसके प्रमाण जांच टीम को दिए गए हैं।

    जांच जारी, बयान दर्ज

    एसआईटी ने पूछताछ के बाद तीनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक आगे की जांच में तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की जाएगी।