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    पलवल में यातायात व्यवस्था चरमराई, भारी वाहनों की एंट्री से शहर बेहाल; जाम से लोग परेशान

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 01:33 PM (IST)

    पलवल की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भारी मालवाहक वाहनों के लिए सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक 'नो एंट्री' नियम का पालन नहीं हो रहा, जिससे शहर म ...और पढ़ें

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    शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर लगा जाम। जागरण 

    जागरण संवाददाता, पलवल। शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुकी है। यातायात पुलिस ने हथीन, नूंह और सोहना की ओर से आने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक नो एंट्री का नियम लागू किया हुआ है, लेकिन इसका पालन नाममात्र का हो रहा है।

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    दिन भर शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहन बेरोकटोक दौड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    उल्लेखनीय है कि 2008 में जिला बनने के बाद 17 वर्षों में पलवल की आबादी तेजी से बढ़ी है और वाहनों की संख्या में भी वृद्धि हुई। इससे शहर जाम से जूझ रहा है। विशेषकर सुबह, स्कूलों की छुट्टी के समय और त्यौहारी सीजन में जाम की समस्या कई गुना बढ़ जाती है।

    जाम की इस समस्या को दूर करने के लिए कई वर्ष पहले शहर में दो किलोमीटर लंबे एलिवेटेड फ्लाईओवर और इसके साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 19 की सड़क को चार से छह लाइन में परिवर्तित करने का कार्य शुरू हुआ था। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी। यह कार्य पूरे भी हो गए, लेकिन अभी भी पलवल शहर जाम से जूझ रहा है।

    यह हैं शहर में लगने वाले जाम के कारण

    एलिवेटिड पुल के नीचे दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनाई गई सर्विस रोड और अन्य सड़कों पर अतिक्रमण के कारण शहर में रोज जाम लगता है। हर वक्त सड़कों और फुटपाथों पर वाहन खड़े रहते हैं। इस कारण मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाने पर लोग सर्विस रोड का प्रयोग नहीं कर पाते हैं।

    साथ ही बल्लभगढ़, हाेडल की ओर जाने वाली सड़क पर तिपहिया वालों का पूरा आतंक रहता है। सड़क के बीचों-बीच अपने तिपहिया खड़े करके सवारियां भरी जाती हैं। बस अड्डा चौक पर पुल के नीचे अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहन वहां खड़े कर सवारियां भरते रहते हैं।

    रेहड़ी, ठेला और पटरी वालों ने सड़कों पर अतिक्रमण करके रखा हुआ है। शहर में कोई बड़ी पार्किंग न होने से भी चालक अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर देते हैं। इन कारणों से शहर के हर चौराहों पर जाम की स्थिति बन जाती है।

    इन जगहों के भारी वाहनों की एंट्री की गई थी बंद

    वहीं सोहना, नूंह और हथीन से आने वाले भारी वाहन शहर से गुजरते हुए अलीगढ़, दिल्ली और आगरा की ओर जाते हैं। जिसकी वजह से घंटों जाम की स्थिति बन जाती है। जाम की इस समस्या से पार पाने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष यातायात एडवाइजरी जारी की थी।

    इस एडवाइजरी के तहत 25 दिसंबर से सोहना, नूंह और हथीन की ओर से शहर में आने वाले भारी वाहनों पर सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक एंट्री बंद रहने की योजना बनाई गई थी। थाना यातायात पलवल प्रभारी निरीक्षक जगवीर सिंह ने कहा था कि निर्धारित समय के दौरान भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एडवाइजरी का नहीं हो रहा पालन

    इस एडवाइजरी का पालन नहीं हो रहा और शहर अब भी जाम की समस्या से जूझ रहा है। प्रशासन की इस उदासीनता का सीधा असर शहरवासियों पर पड़ रहा है। सुबह से शाम तक कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चे, नौकरी पर जाने वाले कर्मचारी, मरीज और व्यापारी घंटों जाम में फंसे रहते हैं।

    खास तौर पर न्यू सोहना रोड की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां पुलिस कर्मियों की तैनाती के बावजूद भारी वाहन खुलेआम गुजर रहे हैं। इस मार्ग पर जिला नागरिक अस्पताल के होने से हालात और खराब हो रहे हैं। अस्पताल पहुंचने में एंबुलेंस और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे कई बार जान जोखिम में पड़ जाती है।

    इसी तरह नूंह रोड पर हालात और भी गंभीर हैं, जहां कई बार पुलिसकर्मी खुद भारी मालवाहक वाहनों को रास्ता देने में लगे दिखाई देते हैं।

    स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि लगातार जाम के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम हो रही है और कारोबार प्रभावित हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए भारी वाहनों की यह आवाजाही जानलेवा साबित हो सकती है।

    होती रही हैं दुर्घटनाएं

    पहले भी शहर में ऐसे वाहनों से टक्कर लेकर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही सख्ती नहीं बरती गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि नो एंट्री नियम का कड़ाई से पालन करवाया जाए और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट सुनिश्चित किए जाएं।

    ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि वे लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वाहन चालकों की जिद और कुछ अन्य कारणों से समस्या बनी हुई है।


    हथीन, नूंह की तरफ से आने वाले भारी वाहनों की एंट्री बंद हैं। सोहना की तरफ से एंट्री खुली हुई है। पुलिसकर्मियों की कमी है। जल्द ही सोहना की तरफ से भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी जाएगी, ताकी जाम की समस्या से राहत मिल सके

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    जगबीर सिंह, यातायात प्रभारी