वाटिका के स्थान पर नजर आएगा कंकरीट का भवन
----- संजीव मंगला, पलवल न शहर का सबसे पुराना व सुंदर गुलमोहर पार्क रहा और न ही पार्क ...और पढ़ें

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संजीव मंगला, पलवल
न शहर का सबसे पुराना व सुंदर गुलमोहर पार्क रहा और न ही पार्क में लगी स्वाधीनता सेनानी व पलवल से कई बार विधायक रहे स्व.रूप लाल मेहता की यादगार प्रतिमा। अब पार्क की जगह वहां कंकरीट की इमारत नजर आएगी। पर्यावरण संरक्षण का ढिढोरा पीटने वाली सरकार के शासन में ऐसा हुआ है। खास बात तो यह है कि पार्क के स्थान पर विश्रामगृह के विस्तार के नाम पर इमारत बनाने का किसी राजनीतिक व सामाजिक संस्था ने विरोध तक नहीं किया।
पार्क के स्थान पर इमारत बनाने का कार्य पिछले कुछ दिन से चल रहा है। हालांकि इमारत के निर्माण के बीच प्रतिमा भी खड़ी थी। अब अचानक प्रशासन ने मौका देखकर प्रतिमा को वहां से हटा दिया है। ध्यान रहे कि इससे पहले शहर के संजय गांधी पार्क को भी विकास के नाम पर उजाड़ा जा चुका है। तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध भी किया था। पिछले दिनों पलवल आईं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी इस बात की शिकायत की गई थी। विकास के नाम पर पार्को को उजाड़ना सही नहीं है।
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यह था पार्क का इतिहास
किसी समय शहर का सबसे सुंदर पार्क कहलाने वाला प्राचीन गुलमोहर पार्क स्वाधीनता सेनानी व पूर्व विधायक स्व.रूपलाल मेहता के नाम पर बना था। उस समय पलवल में कोई पार्क नहीं था, तब 24 दिसंबर 1974 को गुरुग्राम बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष सुषमा मिगलानी ने इस गुलमोहर पार्क का शिलान्यास किया था। तब पलवल गुरुग्राम जिले का हिस्सा था। जवाहर नगर कैंप के मुख्य द्वार पर बने इस पार्क में खेलने व झूला-झूलने नगर के कई हिस्से से बच्चे आते थे। तब पार्क में न हरियाली व फूलों की कमी थी और न ही झूलों की। शाम के समय जब पार्क में फव्वारा चलता था, तो एक अलग ही नजारा देखने को मिलता था। कुछ समय पहले यहां वकीलों के लिए पार्किग बना दी गई थी। हालांकि बाद में इसे बंद कर दिया गया। यह जगह नगर परिषद की थी, जिसे लोक निर्माण विभाग को दे दिया गया है।
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स्व.रूप लाल मेहता की प्रतिमा निर्माणाधीन भवन के बीच में आ रही थी। इसलिए उसे हटा दिया गया है। बाद में इस प्रतिमा को नए भवन में साइड में लगवा दिया जाएगा। विश्रामगृह भी जल्द ही निर्मित हो जाएगा।
- अरुण ¨सगला, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग भवन व सड़कें

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