जिला जेल बनाए जाने के लिए जमीन नही देगी चीनी मिल
संजीव मंगला, पलवल बामनीखेड़ा गांव में जिला जेल बनाए जाने का मामला खटाई में पड़ गया है। प ...और पढ़ें

संजीव मंगला, पलवल
बामनीखेड़ा गांव में जिला जेल बनाए जाने का मामला खटाई में पड़ गया है। पलवल सहकारी चीनी मिल की बामनीखेड़ा स्थित 70 एकड़ जमीन पर जिला जेल बनाया जाना प्रस्तावित किया गया था। जेल विभाग के आला अधिकारी भी इस जमीन का निरीक्षण करके यहां जेल बनाने का निर्णय ले चुके थे। शुक्रवार को हुई पलवल सहकारी चीनी मिल के निदेशक मंडल की बैठक में जेल विभाग को यह जमीन स्थानांतरित करने का प्रस्ताव पारित नही हुआ। निदेशक जमीन को जेल विभाग को देने के खिलाफ थे। निदेशकों का कहना था कि किसानों की यह जमीन चीनी मिल के कामकाज के लिए अधिग्रहण की गई थी। वैसे भी मिल के शेयर होल्डर इस जमीन के मालिक हैं।
मिल की बैठक में जेल बनाने के लिए इस जमीन को देने का अतिरिक्त एजेंडा रखा गया था। निदेशकों का कहना था कि मिल की आम सभा में ही इस मामले में फैसला लिया जा सकता है। मिल के उपाध्यक्ष देवीचरण मंगला की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि वैसे भी यह जमीन अप्रैल 2020 तक पट्टे पर दी हुई है। इसके अलावा इसी जमीन पर किसान सेवा सदन का निर्माण करने के लिए भी प्रस्ताव पारित हुआ पड़ा है। कृषि विभाग तथा मिल के बीच लीज एग्रीमेंट भी साइन हुआ पड़ा था। हालांकि बाद में कृषि विभाग ने लीज राशि जमा करने में असमर्थतता जताई थी। शुक्रवार को हुई बैठक में मिल के चेयरमैन डॉ.मनीराम शर्मा नहीं पहुंच पाए। बैठक में निदेशक उदय चंद, प्रभूदयाल, बाबूराम, भावना डागर, भीम¨सह, भूपेंद्र ¨सह, रमेश गुदराना, सचेंद्र ¨सह, समुंदर ¨सह तथा सोरन ने हिस्सा लिया।
बैठक में बताया गया कि जेल विभाग के आलाधिकारियों की इस विषय में मुख्यमंत्री के साथ भी बैठक हो चुकी थी। नौ जनवरी को इस बारे में मिल कार्यालय में जिला जेल अधीक्षक अनिल कुमार, जिला राजस्व अधिकारी संजय विश्नोई, तहसीलदार अनिल कुमार तथा मिल के सिविल इंजीनियर आरके मलिक की बैठक भी हुई थी तथा मौके पर जमीन का निरीक्षण भी किया गया था। ध्यान रहे कि कांग्रेस शासन में जिला जेल बनाने का फैसला अलीगढ़ रोड पर लिया गया था। तब सरकार ने जमीन अधिग्रहण भी कर लिया था। बाद में यह मामला हाईकोर्ट में चला गया। भाजपा सरकार ने वहां जेल बनाने का इरादा छोड़ दिया। अब सरकार चीनी मिल की 70 एकड़ जमीन में जेल बनाना चाहती है।
----
- पलवल सहकारी चीनी मिल के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। यदि यह जमीन किसी अन्य विभाग को किसी अन्य कार्य के लिए दी जाती है, तो इसका निर्णय आम सभा ही ले सकती है। निदेशक मंडल की बैठक में जमीन देने का प्रस्ताव पारित नही हुआ।
- देवीचरण मंगला, उपाध्यक्ष पलवल सहकारी चीनी मिल

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।