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    बारिश ने लाए किसानों की आंखों में पानी

    By JagranEdited By:
    Updated: Sat, 07 Apr 2018 08:07 PM (IST)

    जागरण संवाददाता, पलवल: शुक्रवार की शाम हुई कुदरती मार के बाद बर्बाद फसल को देख अन्नदाता ...और पढ़ें

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    बारिश ने लाए किसानों की आंखों में पानी

    जागरण संवाददाता, पलवल: शुक्रवार की शाम हुई कुदरती मार के बाद बर्बाद फसल को देख अन्नदाता के चेहरे उदास हो गए। देर रात के बाद जैसे ही इंद्रदेव शांत हुए, किसानों ने खेत का रुख कर लिया।

    किसान जहां इस आपदा से बर्बाद फसल से 30 फीसदी से अधिक का नुकसान बता रहे हैं, तो कृषि विभाग इसे 10 फीसदी तक ही बता रहा है। कृषि विभाग ने लघु सचिवालय स्थित जिला कृषि विभाग कार्यालय पर हेल्प डेस्क लगा दी है।

    मौसम विभाग द्वारा दी गई चेतावनी के बाद किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी थी। लेकिन अनुमान है कि 60 से 70 प्रतिशत किसानों द्वारा कटाई पूरी नहीं की गई थी। पलवल, होडल व हसनपुर अनाज मंडियों में बरसात के कारण भरे पानी को सुबह से ही मंडी कर्मचारी, मजदूर व किसान निकालने में लग गए थे। मंडियों में पानी भरने के कारण बिकने के लिए पड़ा गेहूं तैरने लगा था।

    विभाग के अनुसार शुक्रवार की रात को पलवल में 19 एमएम, होडल में 14 एमएम, हसनपुर में 16 एमएम और हथीन में सबसे कम 6 एमएम बरसात हुई। इस बरसात व ओलावृष्टी से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, जो कि 10 फीसदी के आसपास रह सकता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नुकसान के आकलन तथा मुआवजे के लिए हेल्पडेस्क भी लगाई गई है, जो कि रविवार को भी खुली रहेगी। शनिवार को पहले दिन 324 किसानों ने नुकसान होने संबंधी रिपोर्ट की है। कृषि अधिकारियों के अनुसार गांव बढा, धतीर, अतरचटा, कारना, अलावलपुर, पालरी, रूंधी, कुशलीपुर, बामनीखेडा, अटोहा, बहरौला, दीघौट, खिरबी खांबी, गोडौता, सौंदहद, डराना, मित्रोल, बंचारी औरंगाबाद व आस-पास के गांवो में फसलों के गिरने से ज्यादा नुकसान हुआ है।

    लिफ्टिंग व्यवस्था लचर होने के कारण खरीदे गए तीन लाख 24 हजार 215 क्विंटल गेहूं (छह लाख 48 हजार 400 कट्टें) में से पांच लाख 71 हजार 241 कट्टें खुले आसमान के नीचे बरसात में भीग गए। सरकारी रिकार्ड के मुताबिक खरीदी गई गेहूं में हैफेड ने 60 हजार कट्टें तथा वेयर हाउस ने 17 हजार कट्टें ही लिफ्ट किए थे।

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    शुक्रवार की सुबह ही फसल बेचने के लिए मंडी में आया था, लेकिन खरीद नहीं हुई। रात को कुदरत का कहर बरस गया। समझ नहीं आ रहा कि परिवार का गुजारा कैसे चलेगा।

    - हाजी शमशेर, किसान

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    नुकसान के आकलन के लिए कृषि विभाग ने शनिवार को ही काम शुरू कर दिया था। लघु सचिवालय स्थित कार्यालय पर छुट्टी होने के बाबजूद हेल्प डेस्क लगाई गई है, जो कि रविवार को भी खुली रहेगी। पहले दिन 324 किसानों ने अपने नुकसान की रिपोर्ट विभाग को सौंपी है।

    - डॉ. पीके शर्मा, कृषि उपनिदेशक।