Palwal: मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से हत्या का आरोपित घायल, भाई के साथ मिलकर चाचा का किया था मर्डर
पलवल में चाचा की हत्या में फरार चल रहे आरोपित पुष्पेंद्र और सीआईए पुलिस के बीच शुक्रवार दोपहर गांव भुलवाना के निकट चमेली वन जंगल में मुठभेड हो गई। मुठ ...और पढ़ें
पलवल, जागरण संवाददाता। गांव औरंगाबाद में अपने चाचा की हत्या में फरार चल रहे आरोपित पुष्पेंद्र और सीआईए पुलिस के बीच शुक्रवार दोपहर गांव भुलवाना के निकट चमेली वन जंगल में मुठभेड हो गई। आरोपित ने पुलिस की गाड़ी की देखते ही फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें से एक गोली पुलिस की गाड़ी में लगी।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपित पुष्पेंद्र के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को काबू किया। आरोपित को उपचार के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। मामले में जानकारी देते हुए होडल सीआईए प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि गांव औरंगाबाद में अपने ही चाचा राजेंद्र की हत्या करने के मामले में आरोपित पुष्पेंद्र चमेली वन जंगल में छुपा हुआ है।
सूचना के आधार पर वह एसआई हाजिर खान, हेड कांस्टेबल टिंकु, हेड कांस्टेबल संदीप, सिपाही नीरज के साथ सरकारी बोलेरो गाड़ी में सवार होकर दोपहर के करीब साढे 12 बजे चमेली जंगल में बताई गई जगह पर पहुंच गए। उनकी गाड़ी को देखते ही आरोपित पुष्पेंद्र ने उनपर देशी कट्टा से फायरिंग कर दी। आरोपित की तरफ से दो गोलियां चलाई गई, एक गोली उनकी सरकारी गाड़ी में लगी।
इसके बाद जवाबी फायरिंग में पुलिस द्वारा तीन बार फायर किया गया, जिसमें एक गोली पुष्पेंद्र के पैर में लगी। इसके बाद पुष्पेंद्र को पहले होडल के सरकारी अस्पताल और फिर पलवल के जिला नागरिक अस्पताल उपचार के लिए ले जाया गया, जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
भाई के साथ मिलकर की थी चाचा की हत्या
बता दें कि बीती 26 मई की रात के करीब नौ बजे औरंगाबाद गांव में राजेंद्र की उसके ही भतीजे पुष्पेंद्र और रोहतास ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक राजेंद्र पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल का निजी चालक था।
इस संबंध में मुंडकटी थाना में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मृतक राजेंद्र पुष्पेंद्र और रोहताश को बदमाशी करने से रोकता था, इसी से गुस्सा होकर दोनों ने अपने चाचा की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में रोहताश को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि पुष्पेंद्र फरार चल रहा था।
आरोपित ने पूर्व सरपंच को भी दी थी धमकी
चाचा की हत्या के बाद आरोपित पुष्पेंद्र ने बीती 29 मई को अपने ही गांव के पूर्व सरपंच हरदीप चौहान को भी जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपित ने पूर्व सरपंच को फोन कर कहा था कि वह उसके भाई रोहताश को पुलिस से छुड़ाए, नहीं तो वह उसे जान से मार देगा। पूर्व सरपंच ने यह बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी, जिसके बाद पूर्व सरपंच की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हुआ था।

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