यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नूंह में साइबर ठगों के गिरोह भंडाफोड़, फौजी बनकर OLX पर डालते वाहन बेचने का मैसेज; और इस तरह करते ठगी
Nuh Crime News राजस्थान पुलिस का बेहतर तरीके से सहयोग नहीं मिलने पर अपने ही जिले के गांवों में बैठे ...और पढ़ें

HighLights
- पुलिस ने गिरोह के सरगना और गुर्गों को किया गिरफ्तार।
- तीन ठगों के पास से 39 मोबाइल तथा फर्जी पते पर लिए गए आठ सिम बरामद।
- फौजी बन ओएलएक्स पर डालते थे वाहन बेचने का संदेश, झांसे में लेने के बाद ऐंठते थे रकम।
नूंह, जागरण संवाददाता। राजस्थान पुलिस का बेहतर तरीके से सहयोग नहीं मिलने पर अपने ही जिले के गांवों में बैठे साइबर ठगों की कमर तोड़ने में लगी नूंह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तावडू क्राइम ब्रांच की टीम ने साइबर ठगों के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के सरगना तथा उसके दो गुर्गों को शनिवार को गिरफ्तार किया है।
तीनों के पास से 39 मोबाइल तथा फर्जी पते पर लिए गए आठ सिम बरामद किए गए। ठग फौजी बन ओएलएक्स तथा फेसबुक पर बुलेट, थार, स्कार्पियो तथा अन्य वाहनों की तस्वीर डाल बेचने का विज्ञापन देते थे जब लोग संपर्क करते थे तो उन्हें झांसा देकर रकम ठग लेते थे।
दो दिन की रिमांड पर लिए गए आरोपी
बदमाशों ने 34 से अधिक वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। तीनों आठवीं पास हैं। आरोपित चोरी के मोबाइल सस्ते दामों में खरीदने के बाद राजस्थान के भरतपुर , डीग और अलवर जिला में रहने वाले साइबर ठगों को बेचते थे। जिनसे साइबर ठग ठगी करते थे। तीनों आरोपितों को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।
आकिब है मास्टर माइंड
नूंह के बिछौर थाना क्षेत्र के गांव जखोखर का रहने वाला आकिब गिरोह का मास्टर माइंड है। वह अपने गांव के ही सरफराज तथा तारिफ के साथ मिलकर साइबर ठगी करता था। बीस दिन में गिरफ्तार किए गए 12 साइबर ठगों से पुलिस पूछताछ में तीनों के नाम सामने आए थे।
बेचने जा रहे थे चोरी के मोबाइल
शनिवार को तावडू क्राइम ब्रांच प्रभारी संदीप मोर और एएसआई यशपाल ने जुरहेड़ा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। तीनों चोरी के खरीदे गए तीस मोबाइल भरतपुर के जुरहेड़ा गांव तथा डीग के कामां तथा पहाड़ी गांव में रहने वाले साइबर ठगों को बेचने के लिए जा रहे थे। नौ मोबाइल में तीन तीन मोबाइल तीनों खुद ठगी करने के लिए प्रयोग करते थे।
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गैलरी में मिली फौजियों की तस्वीरें
पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद तीनों से पूछताछ की और उनके मोबाइल चेक किए तो गैलरी में कई फौजियों की तस्वीर मिली, जिनका प्रयोग ओएलएक्स पर ठगी करने में करते थे। फौजी बना विज्ञापन डालते और सस्ते में वाहन बेचने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर लेते थे। लोगों को विश्वास में लेने के लिए फर्जी सैन्य अधिकारी तथा सैनिक के नाम आधार कार्ड तथा पेन कार्ड और बैंक खाते की फोटो युक्त पास बुक भी बनवा रखी थी।
साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कड़ी में यह सफलता मिली है। आरोपितों से पूछताछ की जा रही ताकि इनके द्वारा किए गए अन्य मामलों की भी जानकारी मिली। नूंह को हर हाल में साइबर ठगों से मुक्त कराया जाएगा। -नरेंद्र बिजारणियां, पुलिस अधीक्षक (नूंह)।
