हरियाणा में PM आवास योजना को लेकर बड़ी गड़बड़ी आई सामने, जमकर हो रही धांधली; पुलिस में शिकायत दर्ज
नूंह जिले की पीएम आवासीय योजना में अधिकतर उन लोगों का सूची में नाम शामिल है जिनके पास पहले से ही पक्के मकान बने हुए हैं। ये सब सरपंच और ग्राम सचिवों की मिलीभगत के कारण हुआ है। गरीब लोगों को इंतजार था कि उन्हें मकान बनाने के लिए बजट मिलेगा। ऐसा ही मामला टपकन गांव से सामने आया है जहां पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई।
जागरण संवाददाता, नूंह। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों को पीएम आवासीय योजना के तहत पक्का मकान देने की योजना में जमकर धांधली की जा रही है। योजना का लाभ उन लोगों को बहुत कम मिल रहा है, जो इसके असली हकदार हैं।
हाल ही में जारी की गई नूंह जिले की पीएम आवासीय योजना में अधिकतर उन लोगों का सूची में नाम शामिल है, जिनके पास पहले से ही पक्के मकान बने हुए हैं। ये सब सरपंच और ग्राम सचिवों की मिलीभगत के कारण हुआ है।
गरीबों ने लिखित शिकायत सीईओ को दी
गरीब लोगों को इंतजार था कि उन्हें मकान बनाने के लिए बजट मिलेगा। ऐसा ही मामला टपकन गांव से सामने आया है। जहां पर गरीब लोगों के नाम मिलीभगत के कारण काट दिए गए। जब गरीब लोगों का सूची में नाम नहीं आया तो उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। हालांकि गरीबों ने इसकी लिखित शिकायत सीईओ को दी है।
गरीबों का नाम हटाकर अमीरों के जोड़ने का आरोप
टपकन निवासी मईनुद्दीन, आरिफ, इरशाद, मुस्तफा ने शिकायत में बताया कि उनके गांव में पीएम आवासीय योजना के तहत पहली सूची में 40 लोगों का नाम था। जिनमें अधिकतर गरीब लोग शामिल थे। आरोप है कि सरपंच, ग्राम सचिव और कई अन्य लोगों ने सांठ गांठ कर सूची से गरीबों का नाम हटाकर उन लोगों का नाम जोड़ दिया। जिनके पास पहले से ही पक्के मकान बने हुए हैं।
योजना का लाभ पहले से पक्का मकान वालों को मिला
यह मामला अकेले टपकन गांव का ही नहीं है, बल्कि अधिकतर गांव की यही हकीकत है। लोगों का दावा है कि यदि सही मायने में पीएम आवासीय सूची में शामिल लोगों की जांच की जाए तो आधे से ज्यादा लोग ऐसे मिल जाएंगे, जिनके पास पहले से ही पक्का मकान बना हुआ है। शिकायत में जारी की गई सूची की जांच कराने की मांग की गई है।
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