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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुलपति के एक साल के कार्यकाल में जुड़ी कई उपलब्धियां

By JagranEdited By:
Published: Tue, 09 Nov 2021 06:37 PM (IST)

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा को कुलपति का पदभार संभाले बुधवार को पूरा एक साल पूरा हो गया। इस ...और पढ़ें

कुलपति के एक साल के कार्यकाल में जुड़ी कई उपलब्धियां
कुलपति के एक साल के कार्यकाल में जुड़ी कई उपलब्धियां

फोटो संख्या : 15 -कुवि ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा को कुलपति का पदभार संभाले बुधवार को पूरा एक साल पूरा हो गया। इस एक साल के कार्य अवधि में उनके कार्यकाल में कुवि ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। गौरतलब है कि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने एक साल पहले 10 नवंबर 2020 को 38वें कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

केजी टू पीजी स्कीम लागू करने वाला प्रदेश का पहला विवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के नेतृत्व में कुवि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत केजी टू पीजी स्कीम लागू करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बना है। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए जापानी भाषा के सर्टिफिकेट एंड डिप्लोमा कोर्स, बीबीए आनर्स तथा एमटेक डिफेंस टेक्नोलाजी कोर्स को शुरू किया गया है। आजादी के अमृत महोत्सव के लिए जिगल को लांच किया गया। कुवि से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी उद्यमशील व व्यवसायी बनें इसके लिए रूसा- 2.0 के छह ट्रेनिग सेंटर्स जिनमें मुख्य रूप से इनक्यूबेशन सेंटर, सेंटर फार स्किल डेवलेपमेंट, सेंटर फार एंटरप्रेन्योरशिप, कारपोरेट रिसोर्स सेंटर, सेंटर फार कांटिन्यूइंग एजुकेशन व सेंटर फार स्पो‌र्ट्स में कौशल विकास से जु़ड़े कार्यक्रम किए जा रहे हैं। 2022 में अगले फेज की नेक रैंकिग के लिए सभी कोर्सों में लर्निंग आउटकम करिकुलम फ्रेमवर्क (एलओसीएफ) शिक्षा प्रणाली पाठ्यक्रम अगस्त-सितंबर, 2020 सत्र से लागू किया गया।

कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विश्वविद्यालय शोध, शिक्षण व संस्कृति के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को छूए इसके लिए निरंतर प्रयास जारी रहेगा। विवि में कर्मचारियों की भर्तियां हों इसके लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र का दायरा विकसित करने के लिए भी विभिन्न शिक्षण संस्थानों व एजेंसियों से समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। मजबूत एल्यूमनी नेटवर्क पर कार्य किया गया है। भविष्य में विश्वविद्यालय को पूर्णतया डिजिटलाइज करने की दिशा में आइयूएमएस प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से विवि में लागू किया जा रहा है।