करनाल में घरेलू हवाई अड्डे के निर्माण का रास्ता साफ, दिल्ली-चंडीगढ़ की एयर कनेक्टिवटी का मिलेगा लाभ
Domestic airport in Karnal नेवल हवाई पट्टी के विस्तार को 26 एकड़ जमीन की समस्या खत्म हो गई है। डीपीआर रिपोर्ट पर काम जल्द शुरू हो जाएगा। घरेलू हवाई अड ...और पढ़ें

करनाल, जागरण संवाददाता। नेवल हवाई पट्टी के विस्तार के लिए रुकावट बनी जमीन की समस्या को प्रशासनिक अधिकारियों ने सुलझा लिया है। वर्ष-2014 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के बाद 36 एकड़ छह मरले जमीन का अधिग्रहण किया गया था।जगह की कमी समस्या को दूर करते हुए अब प्रशासन ने 26 एकड़ जमीन हरियाणा इंस्टीट्यूट आफ सिविल एविएशन को हेंडओवर कर दी गई है।
इस हवाई पट्टी को हिसार की तर्ज पर विकसित किया जाना है और पांच हजार फुट का रनवे बनने से यहां से बड़े जहाज भी उड़ान भर सकेंगे। परियोजना को जल्द सिरे चढ़ाने के लिए अब अधिकारी विकसित रिपोर्ट पर काम करने में जुट गए हैं।
पांच हजार फुट रनवे का विस्तारीकरण
घरेलू हवाई अड्डा निर्माण को लेकर कवायद वर्ष-2008 से चल रही है और अक्टूबर-2012 में एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया ने यहां हवाई अड्डा बनाने की संभावनाओं की तलाश की। अधिकारियों के दौरे और बैठकों तक यह परियोजना जून-2014 तक सीमित रही। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल के विकास में अपनी छाप छोड़ते हुए आठ नवंबर 2014 को नेवल हवाई पट्टी का विस्तार की घोषणा की।
मसौदे के अनुसार मौजूदा पट्टी को तीन से बढ़ाकर पांच हजार फुट किया जाना है। इसके लिए 172 एकड़ तीन कनाल 16 मरला जमीन की जरूरत थी जिसमें 106 एकड़ छह कनाल और 14 मरला जमीन सरकार की है जबकि 38 एकड़ जमीन ई-भूमि पोर्टल पर किसानों ने दी। अब शेष बची 26 एकड़ भूमि अधिग्रहण की समस्या को दूर कर लिया गया है।
दिल्ली और चंडीगढ़ एयर कनेक्टिविटी संभव
घरेलू हवाई अड्डा का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद करनाल की दिल्ली और चंडीगढ़ से एयर कनेक्टिविटी आसान होगी। साथ ही जीटी बेल्ट के सभी जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के साथ लगते जिलों को भी लाभ मिलेगा। विस्तारीकरण साथ ही छोटे और मध्यम श्रेणी के विमान यहां उतर सकेंगे। बेसिग, पार्किंग जोन, नाइट लैंडिंग, लाइट एमआरओ जैसी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। रात के समय भी विमानों का आवागमन होगा।
टू सीटर सेशना-152 व फोर सीटर सेशना-172 का प्रशिक्षण
नेवल हवाई पट्टी पर मौजूदा समय में टू सीटर सेशना-152 और फोर सीटर सेशना-172 क्राफ्ट के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। हरियाणा इंस्टीट्यूट आफ सिविल एविएशन करनाल की हवाई पट्टी में विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी को कामर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए 200 घंटे की फ्लाइंग करवाई जाती ळै। यह लाइसेंस डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन दिल्ली से बनता है।
साथ ही एनसीसी एयर विंग के बच्चे भी अभ्यास करते हैं। वहीं, एसडीएम अभिनव मेहता ने बताया कि नेवल हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए 26 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर हरियाणा इंस्टीट्यूट आफ सिविल एविएशन को हैंडओवर कर दिया गया है। परियोजना में मार्च-2021 में निर्माण शुरू होना था लेकिन जमीन एक्वायर में समस्या के चलते देरी हुई है। परियोजना पर अब डीपीआर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

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