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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kaithal News: आंगनबाड़ी केंद्र में फटा गैस सिलिंडर, बाल-बाल बचे नौनिहाल; दो वर्कर बेहोश

Published: Mon, 11 Aug 2025 08:44 PM (IST)

कैथल के गांव डयोढ़ खेड़ी में आंगनबाड़ी केंद्र में खाना बनाते समय गैस सिलिंडर फट गया। रसोई की छत उड़ ...और पढ़ें

आंगनबाड़ी केंद्र पर फटा गैस सिलिंडर। फोटो जागरण
आंगनबाड़ी केंद्र पर फटा गैस सिलिंडर। फोटो जागरण

HighLights

  1. आंगनबाड़ी केंद्र में फटा गैस सिलिंडर।
  2. कर्मचारियों ने बच्चों को सुरक्षित निकाला।
  3. आंगनबाड़ी केंद्र की छत उड़ी।

जागरण संवाददाता, कैथल। सोमवार को गांव डयोढ़ खेड़ी के आंगनबाड़ी केंद्र की रसोई में खाना बनाते समय एक गैस सिलिंडर फट गया। यह घटना इतनी गंभीर थी कि सिलिंडर ने रसोई की छत को उखाड़ दिया। हादसे के समय आंगनबाड़ी केंद्र में 15 से 20 बच्चे मौजूद थे।

गैस सिलिंडर के फटने के बाद वर्कर और हेल्पर ने तत्परता से बच्चों को केंद्र से बाहर निकाल लिया, जिससे किसी भी बच्चे को कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और फायरब्रिगेड के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया। हालांकि, आंगनबाड़ी केंद्र को काफी नुकसान हुआ है।

गांव डयोढ़ में दो आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनके पास खुद का कोई भवन नहीं है। दोनों केंद्र किराए के मकान में चल रहे थे। सोमवार को सुबह बरामदे में रसोई में बच्चों के लिए खाना तैयार किया जा रहा था, तभी सिलिंडर में लीक होने के कारण आग लग गई और कुछ ही समय में सिलिंडर फट गया।

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी वहां पहुंचे। आंगनबाड़ी वर्कर शीलाराज और सुमन ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित निकाला। सभी बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। प्रत्यक्षदर्शी प्रमोद ने बताया कि घटना के समय वह वहां मौजूद था।

सभी ने मिलकर बच्चों को सुरक्षित निकाला और उन्हें अपने-अपने घर भेज दिया। आंगनबाड़ी की वर्कर शीला राज और सुमन बेहोश हो गई थीं, लेकिन अब उनकी हालत भी ठीक है।

बरामदे की छत उड़ी, पूरे मकान में आई दरार

सिलिंडर फटने से बरामदे की छत उड़ गई और पूरे मकान में दरारें आ गईं। प्रमोद ने बताया कि सिलिंडर फटने के बाद वह सीधे छत से टकराया, जिससे छत उड़ गई। हालांकि, बच्चों के बैठे कमरे को कोई नुकसान नहीं हुआ।

मकान मालिक दिव्यांग अर्जुन ने बताया कि उसने बड़ी मुश्किल से लोन लेकर यह मकान बनाया था और उसे आंगनबाड़ी चलाने के लिए किराए पर दिया था। उन्हें इस घटना से तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

गांव डयोढ़ खेड़ी में विभाग के दो आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं। दोनों सेंटर किराए पर चल रहे हैं। सोमवार को रसोई में बच्चों के लिए भोजन बनाते समय सिलिंडर फटा है।

विभाग की टीम ने मौके का दौरा किया है। जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। रिपोर्ट मिलने के बाद नुकसान के बारे में पूरी जानकारी मिल पाएगी।

- शशिबाला, अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कैथल।