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    Haryana News: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर, बनेंगे 198 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, महिलाओं के लिए खास व्यवस्था

    Updated: Sun, 29 Dec 2024 04:43 PM (IST)

    आयुष्मान भारत योजना के तहत हरियाणा में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 198 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों पर गर्भवती महिलाओं की जांच नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल बाल एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल समेत 12 तरह की चिकित्सका सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन सेंटरों के बनने से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।

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    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, फाइल फोटो।

    जागरण संवाददाता, जींद। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में 198 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनेंगे। प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के भवन निर्माण पर 40 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसमें सबसे ज्यादा रेवाड़ी जिले में 45, पानीपत में 24 व जींद जिले में 21 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के भवन बनाए जाएंगे।

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    डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विस की तरफ से इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग को बजट जारी कर दिया हैं। इसमें अधिकतर उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया गया है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में गर्भवती महिलाओं की जांच, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल समेत 12 तरह की चिकित्सका सुविधाएं उपलब्ध हाेंगी।

    इन बीमारियों का निशुल्क जांच

    वेलनेस सेंटर में नियुक्त स्टाफ उनके क्षेत्र के हर गांव में घर-घर जाकर परिवार के हर सदस्य की स्वास्थ्य जांच करेंगे और इनका डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड रखेंगी। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए हर केंद्र पर दो टैबलेट दिए जाएंगे।

    वेलनेस सेंटर के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले तीस साल से अधिक उम्र के लोगों के बीपी, डायबिटीज व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की निशुल्क जांच की जाएगी और जरूरत के अनुसार उनको दवा और परामर्श दिया जाएगा। इससे नागरिक अस्पतालों में मरीजाें की भीड़ कम हाेगी। 

    वहीं ग्रामीणों काे अपने नजदीक ही प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, शहरी क्षेत्र में फिलहाल बनाए गए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर किराये के भवनों में चल रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के खुद के भवन होंगे।

    इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे उप स्वास्थ्य केंद्रों में ही स्थापित किया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र सरकार की तरफ से यह बजट जारी किया गया हैं। इसके तहत जींद जिले में आठ करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं पूरे प्रदेश में 79.20 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।

    बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं की दिक्कतें हो जाएंगी कम

    गांवों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित हाेने के बाद ग्रामीणों को काे अपने नजदीक की प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। मरीजाें काे बार-बार नागरिक अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही नागरिक अस्पताल की ओपीडी में लगने वाली मरीजाें की भीड़ में भी शामिल नहीं हाेना पड़ेगा।

    विशेषकर गर्भवती महिलाओं काे प्रति माह नागरिक अस्पताल में जाने की जरूरत नहीं रहेगी वे अपने नजदीक की वेलनेस सेंटर पर जांच व दवाइयां ले सकेगी। इसके अलावा खांसी, जुकाम, बुखार, बीपी, शुगर आदि के मरीज अपने नजदीक की स्वास्थ्य जांच करवा सकेंगे। वृद्धावस्था संबंधित स्वास्थ्य जांच भी सेंटर पर करवा सकेंगे।

    इन गांवों में बनेंगे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के भवन

    डायरेक्टर जनरल हेल्थ की तरफ से जारी पत्र के अनुसार जींद जिले के गांव बराह कलां, पड़ाना, पिंडारा, कालवा-1, खरकगागर, ढाठरथ, नगूरां, सिल्लाखेड़ी, अंटा, बडनपुर, उझाना, पीपलथा, बराह कलां, अलेवा, जुलाना, खरकरामजी, कालवा, जुलाना, उचाना, दनौदा, कंडेला में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के नए भवन बनाए जाएंगे।

    स्टाफ की कमी बन सकती है बाधा

    वेलनेस सेंटराें को संचालन के लिए कर्मचारियाें की कमी का भी सामना करना पड़ सकता है। क्याेंकि, स्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक नागरिक अस्पताल में ही ओपीडी चलाने के लिए पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं। जिले में चिकित्सकों के 222 पद हैं, लेकिन 88 डॉक्टर तैनात हैं।

    इसी तरह जिला मुख्यालय पर बने नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों के 55 पद हैं, लेकिन यहां पर 18 डॉक्टर ही तैनात हैं। ऐसे में सेंटराें के लिए पर्याप्त स्टाफ की कमी आड़े आएगी। जिले में 25 पीएचसी सेंटर है। जहां मरीजाें काे प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।

    लेकिन अब 21 नए वेलनेस सेंटराें पर भी पीएचसी की तरह की चिकित्सकीय सुविधाएं मिलेंगी। प्रत्येक सेंटर पर एक-एक चिकित्सक के अलावा एएनएम, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट आदि चिकित्सकीय स्टाफ तैनात करना होगा।

    लेकिन अभी विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं है। इसके कारण सेंटर का सफलता पूर्वक संचालन करने में स्टाफ की कमी बाधा बन सकती है।

    वेलनेस सेंटर में ये सुविधाएं

    इन केंद्रों में मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, किशाेर स्वास्थ्य, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कैंसर, अंधत्व, श्रवण बाधित रोग, संचारी रोग प्रबंधन एवं उपचार, गैर संचारी रोग प्रबंधन एवं उपचार, ओरल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, योगा और एक्सरसाइज, काउंसिलिंग, स्कूल हेल्थ एजुकेशन, आपात कालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    स्क्रीनिंग पर होगा फोकस

    हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर क्षेत्र के लोगों को लाकर आवश्यक जांचें की जाएंगी। इस दौरान उनकी डायबिटीज व ब्लड प्रेशर की जांच मशीन की ओर से की जाएगी। लोगों से उनकी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के बारे में जाना जाएगा।

    ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को हायर सेंटर रेफर कराकर उचित इलाज मुहैया कराया जाएगा। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात स्टाफ सर्वे के दौरान लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में जागरूक करेंगे जिससे लक्षण प्रतीत होने पर लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार प्रारंभ करा सकें।

    जिला के हिसाब से बनने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

                जिला - संख्या

    • भिवानी - 12
    • चरखीदादरी -7
    • फतेहाबाद - 2
    • कैथल -10
    • कुरुक्षेत्र -7
    • हिसार-7
    • झज्जर-17
    • जींद-21
    • कुरुक्षेत्र-10
    • महेंद्रगढ़ -2
    • पलवल-9
    • पानीपत-24
    • रेवाड़ी-45
    • रोहतक -15
    • सोनीपत-5
    • यमुनानगर-5
    • कुल - 198

    स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने पर फोकस हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 21 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ग्रामीण क्षेत्र में बनाएं जाएंगे। मुख्यालय की तरफ से भवन निर्माण के लिए बजट जारी कर दिया गया हैं। -डॉ. रमेश पांचाल, डिप्टी सिविल सर्जन प्लानिंग बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन, जींद

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