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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा की छात्रा ने राकेश टिकैत को कर दिया निरुत्तर, तीखे सवाल पूछे तो छीन लिया माइक

By Manoj KumarEdited By:
Published: Fri, 05 Mar 2021 07:32 PM (IST)Updated: Sat, 06 Mar 2021 07:25 AM (IST)

झज्‍जर के पास ढांसा बॉर्डर पर मंच पर संबोधन के दौरान राकेश टिकैत से एक युवा लड़की ने सवाल करने ...और पढ़ें

ढांसा बॉर्डर पर मंच के उपर लड़की के सवाल करने के दौरान मौजूद राकेश टिकैत व अन्‍य
ढांसा बॉर्डर पर मंच के उपर लड़की के सवाल करने के दौरान मौजूद राकेश टिकैत व अन्‍य

हिसार/झज्‍जर, जेएनएन। कृषि कानूनों में सुधार की मांग को लेकर कई जगह आंदोलन चल रहा है। मगर हरियाणाा के झज्‍जर जिले के पास ढांसा बॉर्डर पर चल रहे धरने में शुक्रवार शाम एक अलग ही वाकया देखने को मिला। आंदोलनकारी किसानों को संबोधित करने पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत से एक छात्रा ने ऐसा सवाल पूछ लिया कि हंगामा हो गया। मंच पर पहुंची छात्रा ने जब माइक मांगा तो दे दिया गया मगर जैसे ही लड़की ने राकेश टिकैत से 26 जनवरी के दिन ट्रैक्‍टर परेड के दौरान दिल्‍ली में हुई हिंसा के बारे में सवाल पूछा तो माहौल गरम हो गया। दरअसल, राकेश टिकैत शुक्रवार को ढांसा बॉर्डर पर विनोद गुलिया की अध्यक्षता में चल रहे धरने में लोगों से मुलाकात करने और अपना संदेश देने पहुंचे थे।

इस दौरान पेंट शर्ट पहने युवा लड़की ने कहा कि राकेश टिकैत ने ये तो बता दिया कि कृषि कानूनों से कितना नुकसान होगा। मगर ये कह रहे हैं कि जब तक सरकार मांगें नहीं मानती आंदोलन खत्‍म नहीं होगा। मैं पूछना चाहती हूं अगर किन्हीं परिस्थितियों में सरकार और किसानों के दोनों पक्ष में एक फीसद या फिर .005 फीसद भी पीछे नहीं हटे तो फिर समाधान किस बात पर होगा। यह जवाब सभी को चाहिए। धरने का समाधान मिलना चाहिए। ताकि, युवा भी परेशान नहीं हो और किसान भी परेशान नहीं हो।

युवा लड़की ने कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि दिल्‍ली में 26 जनवरी के दिन जो हिंसा हुई उसके लिए कौन जिम्‍मेदार है। अगर प्रदर्शनकारी जिम्‍मेदार नहीं है, सरकार जिम्‍मेदार नहीं है तो कौन जिम्‍मेदार है। 26 जनवरी जैसी घटना में किसका हाथ था, हमें नहीं पता। लेकिन, हमारे समाज, हमारे मेल-मिलाप पर इसका क्या असर पड़ रहा है। यह देखा जाना चाहिए। बात पूरी होती इससे पहले ही वहां खड़े किसान नेताओं ने युवा लड़की से ही सवाल पूछने शुरू कर दिए। माइक भी बंद कर दिया और युवा लड़की का नाम पूछा गया। लड़की ने बेबाकी से अपना नाम भी बता दिया।

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लड़की ने माइक बंद होने के बाद भी अपनी बात जारी रखी और कहा कि अगर देश में 26 जनवरी जैसी हिंसा होगी तो देश का युवा सवाल तो पूछेगा ही। इस दौरान एक महिला भी मंच पर आ गई और युवा लड़की से सवाल करने लगी। युवा लड़की इस दौरान सभी से अकेली ही अपनी बात कहती रही और कहा कि मैंने किसी को दोषी नहीं कहा, बस ये सवाल किया है कि आखिर इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्‍मेदार कौन है। मगर लड़की की बात नहीं सुनी गई।

छात्रा कहती रही कि हम टिकैत जी से जवाब चाहते है की धरने का समाधान कब तक होगा। हालांकि, जब यह छात्रा बोल रही थी तो उस दौरान भी बीच-बीच में कहा जा रहा था कि माइक ले लो। माइक को बंद कर दो। छात्रा को माइक किसने दिया। लेकिन, मंच पर पहुंची छात्रा ने करीब अढ़ाई मिनट के इस घटनाक्रम में समाज की पीड़ा और युवाओं के दर्द को बड़े बढ़िया ढंग से सभी के समक्ष रखा।

छात्रा के सवाल पूछने की वीडियो हुई वायरल

मंच पर सवाल पूछने के दौरान हुए इस वाकये की वीडियो भी वायरल हो गई है। दरअसल, पहले यह लड़की किसान आंदोलन के समर्थन में बोली। फिर उसने मिले जुले सवाल करना शुरू किया और इसके बाद 26 जनवरी को दिल्‍ली में हुई हिंसा पर भी सवाल पूछ लिया। इसके बाद मामला गरमा गया। हालांकि, राकेश टिकैत ने बाद में अपनी बात भी रखी। जो कि काफी सीमित रही और लड़की को अपने सवालों का जवाब नहीं मिला।

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26 जनवरी पर ट्रैक्‍टर परेड के दौरान हुई थी हिंसा

बता दें कि 26 जनवरी को ट्रैक्‍टर परेड के दौरान दिल्‍ली में हिंसा हो गई थी। कुछ प्रदर्शनकारी लाल किला में पहुंच गए थे और यहां लगे पोल पर धर्म विशेष झंडा फहरा दिया गया था। इस मामले के बाद देशभर में विवाद हो गया था। मगर राकेश टिकैत और गुरनाम चढूनी ने इसे सरकारी की एक सोची समझी साजिश बताया था। मामले में पंजाबी फिल्‍म अभिनेता दीप सिद्धू का नाम भी सामने आया था। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने भी कहा था कि इस घटना से किसानों को कोई लेना देना नहीं है। प्रदर्शनकारी किसानों के ट्रैक्‍टर भी तय रूट से अलग दिशा में चले गए थे और दिल्‍ली पुलिस से शाम तक झड़प होती गई।

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