Lok Sabha Election 2024: पंजाब से अलग होकर हरियाणा में मतदान के टूटे रिकॉर्ड, साल 1967 से 2019 तक इतने फीसदी बढ़े वोट
लोकतांत्रिक देश में जनता के वोटिंग का अधिकार काफी महत्वपूर्ण है। वहीं साल 1952 में प्रथम लोकसभा चुनाव में हरियाणा पंजाब में ही सम्मिलित था। उस दौरान वोटिंग प्रतिशत 57.93 फीसदी था। लेकिन साल 1966 में हरियाणा पंजाब से अलग हो गया। इसके बाद मतदान के प्रतिशत का रिकॉर्ड काफी बढ़ा है और सात दशकों बाद मतदान प्रतिशत 70 फीसदी के पार पहुंच गया है।

जागरण संवाददाता, हिसार। देश आजादी के अमृत काल में पहुंच चुका है। इस दौरान जन-जागृति की बदौलत हर क्षेत्र प्रगति का साक्षी रहा है। लेकिन लोकतंत्र के महायज्ञ से वह अमृत-कलश आज भी दूर है जिससे शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प सिद्ध हो सके। संयुक्त पंजाब के दिनों से ही यहां मताधिकार का प्रयोग उतार-चढ़ाव की नैसर्गिकता के साथ चला है।
इस आलोक में निर्वाचन आयोग ने अबकी बार 75 प्रतिशत मतदान लक्षित किया है। हां, यहां महत्वपूर्ण पहलू यह कि वर्ष 1952 के प्रथम लोकसभा चुनाव से अब तक के लोक-यज्ञ में लोक सहभागिता जरूर बढ़ी है। संसदीय चुनाव के महायज्ञ को हर वर्ग की भागीदारी से नई ऊंचाई जरूर दी है। अब संकल्प लें कि 7 दशक में 70 प्रतिशत पार हो चुके मतदान प्रतिशत को शत-प्रतिशत तक पहुंचाएंगे।
हरियाणा पहले संयुक्त पंजाब में शामिल था, 1962 तक लोकसभा सीटें इसी का हिस्सा थी।
वर्ष 1952
21, 97, 096 कुल मत पड़े
57.93 प्रतिशत मतदान
7 कुल सीटें , सभी कांग्रेस ने जीती
वर्ष 1957
24, 81,607 कुल मत पड़े
61.5 प्रतिशत मतदान
3.58 प्रतिशत बढ़ोतरी
8 कुल सीटें
7 कांग्रेस ने जीती, एक सीपीआई
वर्ष 1962
26,66,853 कुल मत पड़े
66.6 प्रतिशत मतदान
4.9 प्रतिशत बढ़ोतरी
8 कुल सीटें
50 प्रत्याशी
3 सीटें कांग्रेस व जनसंघ
2 अन्य
1966 में हरियाणा अलग राज्य बना, इसके बाद मतदान प्रतिशत ने कई रिकॉर्ड बनाए। लोगों ने मतदान की ओर काफी जागरुकता दिखाई।
वर्ष 1967
31, 85, 295 मत पड़े
72.6 प्रतिशत मतदान
8.25 प्रतिशत बढ़ोतरी
8 कुल सीटें
7 कांग्रेस ने जीती
वर्ष 1972
30, 68, 699 कुल मत
64.35 % मतदान
8.3% कमतर
9 कुल सीटें
5 सीटों पर कांग्रेस जीती
साल 1977
42, 24, 405 कुल मत
73. 26% मतदान
8.9% बढ़ोतरी
10 कुल सीटें
सभी भारतीय लोकदल
वर्ष 1980
69, 12, 965 कुल मत पड़े
64.76% मतदान
8.5 %कमी
कांग्रेस को पांच सीटें
वर्ष 1984
77, 25, 946 कुल मत पड़े
6.84% मतदान
2.1 % बढ़ोतरी
कांग्रेस आगे रही
वर्ष 1989
62,07,111 कुल मत
64.4 % मतदान
2.4 % कमी
जनता दल की छह सीटों पर जीत
वर्ष 1991
64, 03, 796 कुल मत
65. 84% मतदान
1.4% बढ़ोतरी
9 सीटें कांग्रेस ने जीती
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वर्ष 1996
78, 60, 863 कुल मत
70.48% मतदान
4.64% की बढ़ोतरी
भाजपा ने सर्वाधिक चार सीटें जीती
वर्ष 1998
76, 49, 088 कुल मत
68.99% मतदान
1.49% कमी
हरियाणा लोकदल को चार सीटें मिली
वर्ष 1999
70,29,964 कुल मत
63.68 % मतदान
5.31% कम
इनेलो और कांग्रेस को पांच-पांच सीटें मिलीं
वर्ष 2004
80,97,064 कुल मत
65.72% मतदान l2.04 % बढ़ोतरी
नौ सीटें कांग्रेस और एक सीट भाजपा को
वर्ष 2009
81,56,829 मत पड़े
67.5% मतदान
1.8% बढ़ोतरी
नौ सीटें कांग्रेस और एक सीट हजकां को
वर्ष 2014
1, 14, 60, 925 कुल मत पड़े
71.4% मतदान
3.9% मतों की बढ़ोतरी
भाजपा ने सर्वाधिक सात सीटें जीतीं।
साल 2019
1, 26, 39, 755 कुल मत पड़े
74.3 प्रतिशत मतदान
2.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी
सभी दस सीटें भाजपा के खाते में।
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