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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Parali Problem Haryana: दिल्ली-हिसार हाइवे पर धधक रही पराली, वाहन चालकों के लिए बनी मुसीबत

By Manoj KumarEdited By:
Published: Thu, 11 Nov 2021 11:53 AM (IST)

सरकार लाखों रुपये मशीनों में बहा रही हो। मगर हकीकत में अभी भी कई किसान ऐसे हैं जो पराली जला ...और पढ़ें

खेतों में जल रही पराली का धुआं सड़क पर आ रहा है, हादसा हो सकता है
खेतों में जल रही पराली का धुआं सड़क पर आ रहा है, हादसा हो सकता है

जागरण संवाददाता, हिसार। पराली जलाने को रोका जा सके इसे लेकर सरकार लाखों रुपये मशीनों में बहा रही हो। मगर हकीकत में अभी भी कई किसान ऐसे हैं जो पराली जला रहे हैं। इससे पर्यावरण को तो नुकसान पहुंच ही रहा है साथ ही रात्रि के समय हाइवे से यात्रा करने वाले लोगों को अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार रात्रि को दिल्ली से हिसार तक 45 स्थानों पर पराली जलाई जाती दिखी। किसान अक्सर रात्रि के समय पराली जला रहे हैं ताकि किसी की पकड़ में न आए। पराली जलाने से निकलने वाला धुंआ वाहनों के सामने आने से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ गई है।

रोहतक से लेकर हांसी तक सबसे अधिक पराली के मामले

पराली जलाने के मामले रोहतक से लेकर हांसी तक अधिक है। पहले दिन के समय पराली जलाने के मामले अधिक सामने आते थे। मगर अब रात्रि के समय ऐसे मामलों की संख्या बढ़ गई है। बुधवार को रोहतक से महम तक तो सर्वाधिक पराली जलाई जा रही है। पराली के जलने से रात्रि के समय सड़क पर अचानक से धुंआ आ जाता है जिसमें वाहन चालकों की विजिबिल्टी काफी कम हो जाती है। पूर्व में ताे पराली के कारण कई हादसे भी हाे चुके हैं। ऐसे में रात्रि के समय पराली जलाना और भी खतरनाक बनता जा रहा है। इससे हादसों की संभावना हर समय बनी रहती है।

दीपावली के छह दिन बाद भी प्रदूषण से हाल बेहाल, कई जिलों में सीवियर वायु प्रदूषण

दीपावली के छह दिन बाद भी प्रदूषण ने लोगों का बुरा हाल कर दिया है। वायु मंडल में मौजूद खतरनाक गैसें लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही हैं। जिससे आंखों में एलर्जी और सांस लेने में दिक्कत के मामले सामने आ रहे हे। वायु प्रदूषण की स्थिति यह है कि हरियाणा के कई शहरों में सीवियर वायु प्रदूषण है। यहां एक्यूआई 400 से अधिक बना हुआ है। जिसमें सबसे अधिक पीएम (पार्टिकुलेट मैटर) 10 व पीएम 2.5 की मात्रा है। जो प्रदूषण बढ़ाने का प्रमुख कारण बन रही है। वीरवार सुबह हिसार में एक्यूआइ 415, जींद 362, रोहतक 338, सोनीपत में 381, बहादुरगढ़ 370, करनाल में 304, फरीदाबाद में 350 सहित अन्य शहरों में भी प्रदूषण बढ़ा हुआ है।

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