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    '80% अंकों की शर्त महिलाओं से धोखा', लाडो लक्ष्मी योजना में बदलाव पर सियासी घमासान, कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 02:37 PM (IST)

    हरियाणा में दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना में बदलाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने 80% अंकों की शर्त को महिलाओं से धोखा बताया, जबक ...और पढ़ें

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    कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। हरियाणा में गरीब महिलाओं के लिए संचालित दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना में सरकार द्वारा किए गए बदलावों पर विपक्ष और भाजपा आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा सरकार ने लाडो लक्ष्मी योजना के तहत बच्चों के 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने की शर्त लगाकर महिलाओं के साथ धोखा किया है।

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    भाजपा ने यह कहते हुए कांग्रेस के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 80 प्रतिशत अंकों की शर्त अनिवार्य नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को शिक्षा व पोषण के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए एक अतिरिक्त श्रेणी है।

    योजना में क्या बदलाव हुए?

    दरअसल, प्रदेश सरकार एक लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 2100 रुपये मासिक प्रदान करती है। नये बदलाव में सरकार ने उन महिलाओं को भी शामिल किया है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1.80 रुपये तक है, लेकिन उनके बच्चे मेधावी हैं और कुपोषण के दायरे से बाहर निकाले जा चुके हैं।

    भाजपा सरकार पर भड़कीं कांग्रेस सांसद

    कांग्रेस महासचिव एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को भाजपा सरकार ने शर्तों और अंकों की बेडियों में जकड़ दिया है। सरकार अपने ही संकल्प से मुकर गई है। जिन महिलाओं को बिना भेदभाव आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए था, आज उनसे उनके बच्चों के नंबर पूछे जा रहे हैं। क्या अब मां की योग्यता रिपोर्ट कार्ड से तय होगी।

    महिलाओं को अपमानित करने का आरोप

    सैलजा ने कहा कि 2100 रुपये की मामूली सहायता के लिए 80 प्रतिशत अंकों की शर्त लगाना गरीब, मजदूर और ग्रामीण महिलाओं के साथ सीधा अन्याय है। यह नीति महिला सशक्तीकरण नहीं, बल्कि महिलाओं को अपमानित करने वाली सोच को दर्शाती है। सरकार यह भूल गई है कि हर मां के हालात समान नहीं होते। संसाधनों की कमी, सरकारी स्कूलों की स्थिति और सामाजिक परिस्थितियों में पढ़ने वाले बच्चों से ऐसे परिणाम की अपेक्षा करना अमानवीय है।

    BJP ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

     हरियाणा भाजपा के सोशल मीडिया प्रमुख अरुण यादव ने कुमारी सैलजा के आरोपों को तथ्यों के साथ खारिज किया है। अरुण यादव ने कहा कि कुमारी सैलजा कांग्रेस की बड़ी नेता हैं, लेकिन उन्हें दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के विस्तार के बारे में ठीक से समझना होगा। अब तक जिन महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है, उन्हें यह लाभ पूर्व की तरह मिलते रहेंगे। जिस परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है, उन परिवारों की सभी महिलाओं को 2100-2100 रुपये का लाभ दिया जा रहा है।

    इसके अलावा अब इस योजना का लाभ एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी मिलेगा, जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं और वे 10वीं व 12वीं कक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक नंबर लेकर आते हैं।

    महिलाओं को गुमराह कर रही कांग्रेस: भाजपा

    भाजपा नेता अरुण यादव ने कहा कि बच्चों में कुपोषण या एनीमिया को रोकने के लिए सरकार ने पहल की है। इसके तहत, पोषण ट्रैकर में कोई बच्चा जो कुपोषित या एनीमिया ग्रस्त था, वह पोषित और स्वस्थ होकर ग्रीन जोन में आ जाता है, तो ऐसी माताओं को भी 2100 रुपये का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना में बच्चे पढ़ाई कर अच्छे अंक लाने के लिए प्रेरित होंगे और माताएं अपने बच्चों को कुपोषण व एनीमिया से बाहर लाने में सहयोगी साबित होंगी।

    दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत मिलने वाली यह धनराशि राज्य की माताओं-बहनों के लिए सहायक सिद्ध होने वाली है। इसलिए विपक्ष को चाहिये कि वह महिलाओं को गुमराह करने की बजाय विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण में हमारा सहयोग दें।