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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दवा खरीद घोटाला: कंपनी का अता-पता नहीं अौर होता रहा करोड़ों का कारोबार

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Fri, 23 Mar 2018 11:38 AM (IST)Updated: Fri, 23 Mar 2018 09:07 PM (IST)

हरियाणा के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में हुए दवा घोटाले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। हिसार में जिसकंपनी के नाम ...और पढ़ें

दवा खरीद घोटाला: कंपनी का अता-पता नहीं अौर होता रहा करोड़ों का कारोबार
दवा खरीद घोटाला: कंपनी का अता-पता नहीं अौर होता रहा करोड़ों का कारोबार

जेएनएन, हिसार। स्वास्थ्य विभाग के दवा खरीद घोटाले में नित नए खुलासे हो रहे हैं। हिसार की कई फर्मों के नाम पर फर्जीवाड़े में सामने आ रहे हैं। हालात यह है कि जिस कंपनी से करोड़ों की दवाओं व अन्य सामग्री की आपूर्ति हुई, धरातल पर उसका कोई ठिकाना ही नहीं है।

सालासर ट्रेडिंग कंपनी ने बिल में दिया है सिरसा रोड हाउसिंग बोर्ड का पता

यह कंपनी है हिसार की सालासर ट्रेडिंग कंपनी। बिल में पता दिया गया है, एससीएफ 84, सिरसा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी। हकीकत में यह पता उपलब्ध ही नहीं है। हाउसिंग बोर्ड में केवल 40 नंबर एससीएफ बने हैं। हालांकि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में 84 नंबर पर तीन मंजिला घर जरूर बना हुआ है। फिर बिना जांच के हवाई कंपनी से कैसे सामान की खरीद होती रही, इसका जवाब अफसरों के पास भी नहीं है। वहीं विभाग की तरफ से इन फर्म की जांच करने के बाद इनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाने की तैयारी है।

कंपनी के पते एससीएफ 84 नंबर की दुकान आजतक नहीं बनी

उल्लेखनीय है कि सांसद दुष्यंत चौटाला ने हाल ही में स्वास्थ्य विभाग में दवाओं व चिकित्सा उपकरणों की खरीद में 300 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। यह डाटा उन्होंने आरटीआइ के माध्यम से एकत्रित किया था। उसके बाद सरकार ने इस मामले में कैग से स्पेशल ऑडिट करने को कहा था।

घर से चल रही थी कंपनी

कसाबा मोहल्ला में बनी शगुन ट्रेडिंग कंपनी को उनके मालिक घर से ही चला रहे हैं। घर के बाहर एक टेलर की दुकान भी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जांच कर जांच भी की और अपनी रिपोर्ट भी दी है।

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नकली सिक्के बनाने वाले की है जीके ट्रेडिंग कंपनी

हिसार के मोहल्ला डोगरान से चलने वाली जीके ट्रेडिंग कंपनी को नकली सिक्के मामले में फंसे गुलशन कुमार चलाते थे। गिरफ्तारी से पहले मोहल्ला डोगरान का घर बेच कर वह चले गए थे। अब उस घर में एक क्रैच का बोर्ड लगा हुआ है।

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इस नंबर की कभी नहीं बनी दुकान : बंसल

हाउसिंग बोर्ड में एससीएफ 84 नंबर नहीं होने की पुष्टि पार्षद प्रतिनिधि ने भी की है। प्रतिनिधि मुकेश बंसल ने बताया कि यह क्षेत्र उनके वार्ड में ही आता है। इसमें करीब 40 नंबर ही एससीएफ बने हुए है। इस नंबर की दुकान कम फ्लैट आजतक अभी बना ही नहीं। वहीं अनाज मंडी के प्रधान संजय कुमार ने भी इस नंबर का एससीएफ होने से इन्कार किया है।